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स्पेशल: छत्तीसगढ़ की सियासत में महा-यू टर्न! सीएम बदलने से लेकर सामूहिक दल-बदल तक… या फिर रंगों की उड़ती खबर?

छत्तीसगढ़ में सियासी सुनामी की आहट—या होली का हाई-वोल्टेज मज़ाक?

रायपुर…होली से पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में ऐसी चर्चाओं ने जोर पकड़ा है, जो सामान्य दिनों में सुनाई दें तो भूचाल मचा दें। सत्ता और संगठन—दोनों खेमों में बड़े उलटफेर की फुसफुसाहट है। लेकिन आधिकारिक स्तर पर अब तक कुछ भी पुष्ट नहीं।

राज्यसभा से शुरू ‘यू-टर्न’ की पटकथा?

चर्चा है कि टी. एस. सिंह देव को भाजपा की ओर से राज्यसभा भेजने और अजय चंद्राकर को कांग्रेस कोटे से राज्यसभा में लाने का कथित फैसला हुआ है। इसे छत्तीसगढ़ की राजनीति का सबसे बड़ा ‘क्रॉसओवर’ बताया जा रहा है।

विधानसभा में नई कुर्सी?

स्वास्थ्य कारणों से बदलाव की अटकलों के बीच यह भी कहा जा रहा है कि धरमलाल कौशिक विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी संभाल सकते हैं और बजट सत्र में सदन संचालन करते दिख सकते हैं।

भूपेश बघेल और ‘केजरी मॉडल’?

राजनीतिक गलियारों में एक और सनसनी—पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कथित रूप से उनके करीबी समूह के होली बाद केंद्रीय गृह मंत्री की सभा में भाजपा ज्वाइन करने की अटकलें। चर्चा में ‘केजरी मॉडल’ शब्द भी जोड़ा जा रहा है, हालांकि किसी पक्ष ने इसकी पुष्टि नहीं की,।

केंद्र में फेरबदल और नई भूमिका?

कहा जा रहा है कि तोखन साहू को अप्रैल में केंद्रीय मंत्रिमंडल में नई जिम्मेदारी—महिला एवं बाल विकास जैसे पृथक विभाग—की कमान मिल सकती है। दलील दी जा रही है कि उनके जुझारूपन के आधार पर यह विभाग पहली बार अलग संरचना में गठित किया गया है।

क्या बृजमोहन बनेंगे मुख्यमंत्री?

इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा बृजमोहन अग्रवाल को छत्तीसगढ़ का नया मुख्यमंत्री बनाए जाने की ‘पुख्ता खबर’ को लेकर है। लेकिन अंदरूनी समीकरणों में ननकी राम कंवर की आपत्तियों के चलते मंत्रिमंडल विस्तार छह महीने टलने की भी बात कही जा रही है।

मंत्रिमंडल विस्तार पर असंतोष

भाजपा विधायकों के एकजुट होकर शपथपत्र के साथ हाईकमान के सामने पांच वर्षों तक फेरबदल नहीं करने की शर्त रखने की चर्चा है। आशंका जताई जा रही है कि अगला विस्तार कांग्रेस से भाजपा में आने वालों को प्राथमिकता दे सकता है—इसी से असंतोष उभरा बताया जा रहा है।

ओपी बनाम साव?

कहा जा रहा है कि संभावित दल-बदल से सीधा लाभ ओ.पी. चौधरी को मिल सकता है, जिससे उनके समर्थित प्रशासनिक खेमे की ताकत बढ़ेगी। दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री अरुण साव आधा दर्जन पुराने विधायकों को मंत्रिमंडल में लेने की जिद पर अड़े बताए जा रहे हैं। चर्चा यह भी कि ऐसा न होने पर इस्तीफे की चेतावनी दी गई है—ताकि नेतृत्व की दौड़ में बढ़त बनी रहे।

नए संपर्क, नए समीकरण

कवर्धा-मरवाही क्षेत्र से खबर है कि अमित जोगी पुनर्वासी समूहों के साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के संपर्क में हैं। इस खेमे को मंत्री श्याम बिहारी, श्रीमती राजवाड़े, दयालदास, राजेश, टंकराम, धर्मजीत सिंह, पुन्नूलाल और रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर का समर्थन मिलने की भी चर्चा है।

संगठन की ‘तिकड़ी’ सक्रिय

उधर संगठन स्तर पर जंगल, वायु और नवीन भाई साहब की तिकड़ी कार्यकर्ताओं से सुशासन के गीत घर-घर पहुंचाने की अपील कर रही है, ताकि संभावित राजनीतिक हलचल के बीच कार्यकर्ता आधार मजबूत रहे।

सच क्या है?

इन तमाम खबरों, अटकलों और राजनीतिक रंगों के बीच एक तथ्य स्पष्ट है—कहीं से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं। न प्रेस विज्ञप्ति, न बयान, न आदेश। होली के मौसम में राजनीति भी रंग पकड़ लेती है।इसलिए पाठकों से एक ही आग्रह—रंगों में भीगिए, खबरों में नहीं।
बुरा न मानो… होली है!

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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