बिलासपुर… शहर के व्यस्ततम गोलबाजार इलाके में मंगलवार देर रात करीब 11 बजे अचानक आग ने भयंकर रूप ले लिया। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अपना लॉज परिसर में लगी आग ने वंदना हैंडलूम, जय बालाजी ड्रायफ्रूट्स, महामाया साड़ी दुकान और महामाया बैग हाउस को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानें देखते ही देखते जलकर खाक हो गईं। प्राथमिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।

धुआं उठते मचा हड़कंप, दमकल को सूचना

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि देर रात पहले धुआं दिखाई दिया और फिर लपटें तेजी से फैल गईं। इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग घबराकर पुलिस और दमकल विभाग को सूचित करने लगे, लेकिन तब तक अधिकांश दुकानें जल चुकी थीं। दमकल की गाड़ियां अलग-अलग स्थानों से बुलाकर मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

रेस्क्यू में दमकलकर्मी घायल – साहस की मिसाल

आग बुझाने के दौरान दमकल विभाग के कर्मचारी सुरेश यादव मलवा की चपेट में  आने से गंभीर रूप से घायल हो गया ।  उन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाके में राहत कार्य करना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। लेकिन कर्मचारियों ने जोखिम उठाकर लोगों की मदद की।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच जारी

फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट से हादसा होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन ने क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

फायर सेफ्टी पर सवाल, सुरक्षा मजबूत करने की मांग

इस घटना ने बाजार क्षेत्र में फायर सेफ्टी की खामियों को उजागर कर दिया है। व्यापारी और स्थानीय लोग सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और प्रभावित व्यापारियों को सहायता प्रदान की जाएगी।

कुल 16 ट्रिप पानी का परिवहन

फाइव ब्रिगेड के अनुसार आग पर नियंत्रण पाने के लिए कुल चार गाड़ियों से 16 बार पानी का परिवहन किया गया। इस दौरान आग पर नियंत्रण करने में काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। भीड़ होने और तंग गलियों के कारण आज पर नियंत्रण करने में थोड़ा बहुत समय भी लगा।

संकरी गलियों में राहत कार्य में बाधा

गोलबाजार क्षेत्र में सघन दुकानें और संकरी गलियां राहत कार्य में बड़ी बाधा बनीं। दमकल टीम को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनी बल्कि शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल गई।