पहले वसूली, फिर बैकडेट रसीद: CCTV सबूत बना, अधिकारी सस्पेंड
स्वच्छता के नाम पर उगाही! कैमरे ने खोली पोल, निगम अधिकारी निलंबित

बिलासपुर : नगर निगम में स्वच्छता के नाम पर वसूली का खेल आखिरकार कैमरे में कैद हो गया। जोन-6 की पेट्रोलिंग टीम के प्रभारी और सीनियर सिनेटरी इंस्पेक्टर दीपक कुमार पंकज पर गिरी गाज—कमिश्नर ने तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया। कार्रवाई ने साफ कर दिया कि अब ‘मैदान में मनमानी’ पर सीधी चोट होगी।

पॉलिथीन कार्रवाई की आड़ में पैसों की मांग
27 अप्रैल को मोपका इलाके में स्थित एक किराना दुकान पर टीम पहुंची। प्रतिबंधित पॉलिथीन की कार्रवाई का हवाला देकर सीधे 20 हजार रुपये की मांग रखी गई। रकम ज्यादा बताई गई तो ‘समझौता’ 7 हजार पर हुआ—बिना रसीद, सीधे वसूली।
शिकायत का डर, बैकडेट रसीद
मामला यहीं नहीं रुका। 28 अप्रैल को स्थिति पलटी—दुकानदार को बैक डेट में रसीद थमा दी गई। यानी पहले वसूली, फिर कागजों में लीपापोती।
सीसीटीवी ने खोला पूरा खेल
दुकानदार ने चुप रहने के बजाय सबूत जुटाए। सीसीटीवी फुटेज सीधे कमिश्नर तक पहुंचा। फुटेज में टीम प्रभारी की हरकतें साफ नजर आईं—और यहीं से कार्रवाई तय हो गई।
सिर्फ वसूली नहीं, व्यवहार भी सवालों में
जांच में सामने आया कि मौके पर अभद्र व्यवहार किया गया। दुकान से बिना भुगतान सामान लेना और सार्वजनिक जगह पर नियमों की अनदेखी भी रिकॉर्ड में शामिल हुई। यानी मामला सिर्फ पैसों तक सीमित नहीं रहा, आचरण भी कटघरे में आ गया।
कमिश्नर का सख्त संदेश
कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे ने साफ संकेत दिया—मैदान में काम करने वाली टीम जनता से सीधे जुड़ी होती है, इसलिए अनुशासन और पारदर्शिता अनिवार्य है। किसी भी तरह की वसूली, दबाव या दुर्व्यवहार पर अब सीधी कार्रवाई होगी।





