तिफरा में धधका पेंट गोदाम पुटी निर्माण की अनुमति, अंदर ज्वलनशील भंडारण; किराए और निगरानी पर गंभीर सवाल
पुटी निर्माण की अनुमति, अंदर पेंट का गोदाम

बिलासपुर..तिफरा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक गोदाम में दोपहर करीब 1 बजे अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में लपटें तेज हो गईं और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने प्रारंभिक स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन भीतर रखी ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैलती गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल की दो बड़ी गाड़ियां लगातार पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने में जुटी रहीं। खबर लिखे जाने तक आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी थी।
पेंट से भरा था गोदाम, शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्राथमिक जानकारी के अनुसार गोदाम के भीतर भारी मात्रा में पेंट रखा हुआ था, जो धू-धू कर जलता रहा। आग लगने के संभावित कारण के रूप में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
लाइसेंस और वास्तविक गतिविधि में अंतर?
सूत्रों के अनुसार संबंधित परिसर—आर्नव इंडस्ट्रीज—को पुटी (प्लास्टर आधारित उत्पाद) निर्माण के लिए अनुमति दी गई थी। ऐसे में प्रश्न उठ रहा है कि उसी स्थान पर पेंट का भंडारण और गोदाम संचालन कैसे हो रहा था। यदि अनुमति एक गतिविधि के लिए थी और संचालन दूसरी गतिविधि का, तो यह नियम शर्तों के उल्लंघन का मामला बन सकता है।
संचालन को लेकर दावा
सूत्रों के अनुसार विकास पेंट का मालिक व संचालक अमित सुल्तानिया बताया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि परिसर को नियमों के विपरीत किराए पर संचालित किया जा रहा था, जिसकी जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
निगरानी तंत्र पर सवाल
औद्योगिक क्षेत्र में ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण के लिए सख्त सुरक्षा मानक निर्धारित होते हैं। यदि लाइसेंस की शर्तों से अलग गतिविधि संचालित हो रही थी, तो निरीक्षण और निगरानी की जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होगी—यह बड़ा प्रश्न बन गया है।
फिलहाल प्राथमिकता आग पर पूर्ण नियंत्रण और संभावित नुकसान को रोकना है। पुलिस भीड़ नियंत्रित करने में लगी है, जबकि दमकल टीम लगातार मशक्कत कर रही है। तिफरा की यह घटना अब प्रशासनिक जवाबदेही और औद्योगिक नियमों की समीक्षा की दिशा में बड़ा संकेत मानी जा रही है।





