बिलासपुर।विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिल्हा के अंतर्गत फर्जी मेडिकल बिल तैयार कर 30 लाख रुपए वाले पर पुलिस ने गुरुवार रात एफआईआर दर्ज किया।

पुलिस ने आरोपी शिक्षक साधेलाल पटेल के खिलाफ शासन से धेखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेजों को सही बनाकर पेश करने समेत 4 गंभीर धाराओं पर जांच शुरू कर दी है।

आरोपी साधेलाल पटेल शिक्षक एलबी एवं संकुल समन्वयक, पौसरा ने अन्य कर्मचारियों व संबंधितों के चिकित्सा देयकों में भारी हेराफेरी की। जांच में सामने आया कि जो बिल वास्तव में महज कुछ हजार रुपए जैसे 77 हजार, 47 हजार व 32 हजार रुपए बिल को कूटरचित दस्तावेजों और धोखाधड़ी के जरिए बढ़ाकर 4 लाख से 7 लाख रुपये तक का बनाकर आहरित कराया गया।

इतना ही नहीं, एक मृत शिक्षक के नाम पर भी कूटरचित बिल तैयार कर राशि आहरित कराने का भी आरोप है। आरोपी द्वारा अलग-अलग प्रकरणों में करीब 30 लाख रुपए की जालसाजी की बात सामने आई है।

तीन से चार साल पुराने दस्तावेजों में लिया बिल का भुगतान जांच रिपोर्ट में पाया गया कि 3 से 4 साल पुराने देयकों को नियम विपरीत तरीके से प्रस्तुत कर अधिकारियों की संलिप्तता व सांठगांठ से कोषालय से राशि का भुगतान कराया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी साधेलाल पटेल को पूर्व में ही सेवा से निलंबित कर दिया गया था। अब पुलिस मामले में संलिप्त अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

आरोपी साधेलाल पटेल को कोतवाली पुलिस ने एफआईआर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन, थाने पहुंचने ही उसे चक्कर आने शुरू हो गए। पुलिस ने उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद आनन-फानन में उसे सिम्स में भर्ती कराया गया है,जहां आरोपी का इलाज जारी है।