बलरामपुर-रामानुजगंज…( पृथ्वीलाल केशरी)…सावन माह में शिव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर नगर पालिका और जिला प्रशासन की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। वार्ड -7 स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पहुंच मार्ग पर अवैध रूप से डंप की गई गिट्टी और रेत के कारण पहले सोमवार को कई श्रद्धालुओं के फिसलकर घायल होने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और शिवभक्तों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में मुख्य नगरपालिका अधिकारी और कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सावन माह में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के बावजूद मंदिर पहुंच मार्ग से अवैध गिट्टी और रेत नहीं हटाई गई। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और नगर पालिका की उदासीनता ने आस्था के मार्ग को ही दुर्घटना का कारण बना दिया।

शिकायतकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि जब सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाए जाते हैं, तब सार्वजनिक सड़कों और धार्मिक स्थलों के मार्ग पर खुलेआम गिट्टी, रेत और ईंट का अवैध कब्जा कैसे बना हुआ है। उनका कहना है कि यदि नियमों का पालन केवल आम लोगों से कराया जाएगा और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तो इससे कानून व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़े होंगे।

शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय स्तर पर ऐसी चर्चाएं हैं कि अवैध कारोबारियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं। हालांकि इस आरोप के समर्थन में शिकायतकर्ताओं ने कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है, लेकिन उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिवभक्तों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से 24 घंटे के भीतर मंदिर मार्ग सहित शहर की प्रमुख सड़कों से गिट्टी, रेत और ईंट के अवैध कब्जे हटाने, लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा सार्वजनिक मार्ग बाधित करने वाले कारोबारियों पर जुर्माना और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

शिकायत पर सर्व नाई सेन समाज के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष राजेन्द्र श्रीवास सहित स्थानीय नागरिकों और शिवभक्तों के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया और भविष्य में किसी श्रद्धालु के साथ कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।