E Attendance: भोपाल। मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय ने अतिथि शिक्षकों की 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्यता को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संचालनालय द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विशेष परिस्थितियों के कारण 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस पूरी नहीं कर पाने वाले अतिथि शिक्षकों के प्रकरणों का अब जिला स्तरीय समिति द्वारा परीक्षण कर निर्णय लिया जाएगा।

लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से 5 जुलाई 2026 को जारी पत्र में बताया गया है कि पूर्व में जारी आदेश के अनुसार 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य थी। हालांकि कई अतिथि शिक्षक अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण यह शर्त पूरी नहीं कर सके। ऐसे मामलों में संबंधित अतिथि शिक्षक अब अपने आवेदन ई-मेल के माध्यम से संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेज सकेंगे।

प्राप्त आवेदनों की जांच के लिए प्रत्येक जिले में जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। समिति उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर प्रत्येक आवेदन का परीक्षण कर नियमानुसार निर्णय लेगी।

इन आधारों पर होगा निर्णय

संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि समिति निम्नलिखित परिस्थितियों को ध्यान में रखकर निर्णय लेगी—

गंभीर बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी कारण।

प्रतियोगी अथवा शैक्षणिक परीक्षाओं में सम्मिलित होने की स्थिति।

नेटवर्क या अन्य तकनीकी समस्याएं।

गंभीर बीमारी के कारण ई-अटेंडेंस दर्ज न हो पाना।

विवाह के कारण उपस्थिति प्रभावित होना।

परिवार में आकस्मिक मृत्यु जैसी परिस्थितियां।

इसके अतिरिक्त यदि कोई अन्य विशेष एवं प्रमाणित कारण सामने आता है, तो जिला समिति उसका भी परीक्षण कर उचित निर्णय ले सकेगी

लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र अतिथि शिक्षकों के मामलों का निष्पक्ष एवं शीघ्र समाधान हो सके।