सीमावर्ती जंगल में ‘नशे की खेती’ का पर्दाफाश, 1883 किलो अफीम जब्त
जंगल में उग रहा था ‘अफीम का काला खेल’, 1.47 एकड़ में दो करोड़ की खेती का भंडाफोड़

बलरामपुर (पृथ्वी लाल केशरी)…जिले के सीमावर्ती जंगलों में चल रही अवैध अफीम की खेती पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ का भंडाफोड़ किया है। कोरंधा थाना क्षेत्र के खजुरी पंचायत अंतर्गत तुर्रीपानी गांव में छापेमारी कर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जंगलों के बीच 1.47 एकड़ जमीन पर उगाई गई अफीम की पूरी खेती को जब्त कर लिया गया।
जंगलों में पनप रहा था अफीम का नेटवर्क
पुलिस की कार्रवाई में सहादुर नगेशिया और दुईला नगेशिया को गिरफ्तार किया गया। दोनों खजुरी गांव के निवासी हैं और लंबे समय से इलाके में अवैध अफीम की खेती में लगे होने की जानकारी सामने आई है। जांच में पता चला कि झारखंड सीमा से लगे घने जंगलों के बीच छोटे-छोटे खेतों में अफीम उगाई जा रही थी, ताकि प्रशासन की नजर से बचा जा सके।
करीब दो करोड़ की अफीम बरामद
पुलिस ने खेतों में लगी अफीम के पौधों का जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित तौल कराया। कुल वजन 1883.76 किलोग्राम निकला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने से इलाके में अवैध खेती के संगठित नेटवर्क की आशंका भी गहरा गई है।
सीमावर्ती क्षेत्र बना था सुरक्षित ठिकाना
तुर्रीपानी गांव झारखंड की सीमा से लगा हुआ है और चारों ओर जंगलों से घिरा है। इसी भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर यहां अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि इस अवैध कारोबार में बाहरी लोगों की भूमिका भी हो सकती है।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। जब्त अफीम की खेती को नष्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। दोनों आरोपियों का नाम सहादुर नगेशिया निवासी और दुईला नगेशिया है l दोनों खजुरी गांव के रहने वाले हैं l





