बॉयलर ब्लास्ट में मौत का तांडव… 12 मजदूरों की गयी जा.. खतरे में कई जिंदगी
कुछ सेकंड का धमाका, हमेशा का सन्नाटा… प्लांट हादसे में 12 की मौत

बिलासपुर/सक्ती..दोपहर का समय, काम में जुटे मजदूर… और अचानक एक जोरदार धमाका। कुछ ही सेकंड में हालात ऐसे बदले कि चीख-पुकार, आग और अफरा-तफरी ने पूरे प्लांट को घेर लिया। सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर ब्लास्ट ने कई परिवारों की दुनिया उजाड़ दी।
12 मजदूरों की मौत, कई गंभीर रूप से झुलसे
हादसे में अब तक 12 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 17 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
धमाके के बाद मची अफरा-तफरी
ब्लास्ट इतना भीषण था कि पूरे प्लांट में भगदड़ मच गई।
मौके पर मौजूद मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। राहत और बचाव दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकाला।
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना को “अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक” बताया। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और पूरे प्रदेश को झकझोरने वाली है।
राहत-बचाव तेज, इलाज में लापरवाही नहीं होगी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करे और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी घायल के उपचार में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने हादसे की गहन और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों पर उठे बड़े सवाल
इस हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की कड़ी समीक्षा की जाए।




