DA Hike।रायपुर: छत्तीसगढ़ के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन’ और ‘पेंशनर्स फोरम’ ने राज्य शासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

DA Hike।फेडरेशन ने बढ़ती महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं के भारी खर्च को देखते हुए पेंशनरों को तत्काल 3 प्रतिशत लंबित महंगाई राहत (DR) देने और उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना के दायरे में शामिल करने की पुरजोर मांग की है।

​छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा और फोरम के संयोजक बी.पी. शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित 3 प्रतिशत महंगाई राहत का लाभ प्रदेश के पेंशनरों को अब तक नहीं मिला है।

गौर करने वाली बात यह है कि राज्य के कार्यरत शासकीय सेवकों को वित्त विभाग के निर्देशानुसार यह 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) पहले ही स्वीकृत किया जा चुका है।

​पेंशनर संगठनों का तर्क है कि:

  • ​कार्यरत कर्मचारियों को लाभ देना और सेवानिवृत्त बुजुर्गों को छोड़ देना पूरी तरह से असमानता और अन्यायपूर्ण है।
  • ​बढ़ती उम्र में दवाइयों और दैनिक जरूरतों के खर्च बढ़ गए हैं, ऐसे में लंबित डीआर (DR) का न मिलना आर्थिक तंगी पैदा कर रहा है।

​कैशलेस इलाज: अब वक्त की जरूरत

​फेडरेशन ने राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए शुरू की गई कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना का विस्तार पेंशनरों तक करने की मांग की है।

​”सीमित पेंशन पर जीवन यापन करने वाले बुजुर्गों को गंभीर बीमारी की स्थिति में अपनी जीवनभर की जमा पूंजी खर्च करनी पड़ती है या कर्ज लेना पड़ता है, जो एक चिंताजनक मानवीय स्थिति है।” — बी.पी. शर्मा, संयोजक, पेंशनर्स फोरम

​फेडरेशन ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को कैशलेस इलाज मिल रहा है, जो एक अनुकरणीय पहल है। इसी तर्ज पर राज्य के सभी विभागों के पेंशनरों को भी सुरक्षा कवच दिया जाना चाहिए।