Cg news।जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का मामला सामने आया है।

अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर जाति और आय प्रमाण पत्र बनवाने तथा ऋण संबंधी जानकारी छिपाने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के मुताबिक, जांजगीर निवासी जितेंद्र बघेल ने कथित तौर पर अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर खुद को ग्राम मसान निवासी फूल सिंह कंवर का पुत्र दर्शाया।

आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर उसने तहसील जांजगीर से जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र प्राप्त किए। इन दस्तावेजों के जरिए शासन की योजनाओं का लाभ लेने की बात भी शिकायत में कही गई है।

मामले में जिला अंत्यावसायी विभाग में प्रस्तुत शपथ पत्र को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, जितेंद्र बघेल ने शपथ पत्र में उल्लेख किया था कि उसने बैंक से किसी प्रकार का ऋण नहीं लिया है, जबकि आरोप है कि उसने पंजाब नेशनल बैंक से ऋण लिया था।

शिकायत में बैजनाथ बघेल की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि अंत्यावसायी सहकारी समिति से ऋण लेते समय बैजनाथ बघेल को जमानतदार बनाया गया था और उन्हें जितेंद्र का पिता बताया गया।

शिकायत के आधार पर दोनों के बीच मिलीभगत कर कथित रूप से फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ लेने का आरोप लगाया गया है।

प्रकरण में प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जांच में दस्तावेजों की वास्तविकता, प्रमाण पत्र जारी होने की प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं के तहत लिए गए लाभ से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।