सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पंडित रेवतीरमण मिश्र शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के कन्या छात्रावास का विवाद अब कलेक्टोरेट तक पहुंच गया है।

हॉस्टल में व्याप्त अव्यवस्थाओं और प्रभारी अधीक्षिका के कथित तानाशाही रवैये से तंग आकर बड़ी संख्या में छात्राओं ने कलेक्टर रेना जमील से मुलाकात की और प्रभारी हॉस्टल अधीक्षिका नीरजा भगत के खिलाफ शिकायतों का लंबा पुलिंदा सौंपा।

​छात्राओं ने निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है, जिस पर कलेक्टर ने मामले की जांच कराकर रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

​ छात्राओं का सबसे बड़ा और गंभीर आरोप यह है कि प्रभारी अधीक्षिका द्वारा उनसे जबरन कोरे (सादे) कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए हैं। छात्राओं को डर है कि इन हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।

हॉस्टल में मेस चलाने वाले महिला स्व-सहायता समूह से हर महीने फिक्स कमीशन मांगने का आरोप लगाया गया है, जिससे मेस संचालन में लगातार विवाद की स्थिति बनी रहती है।

छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन रीना ताज के सकारात्मक व्यवहार की तारीफ करते हुए आरोप लगाया कि प्रभारी अधीक्षिका द्वारा वार्डन पर कुछ छात्राओं को ‘नाइट आउट’ की अनुमति देने के लिए अनैतिक दबाव बनाया गया था। विरोध करने पर वार्डन को भी प्रताड़ित करने की बात कही गई है।

​छात्राओं ने ज्ञापन में यह मुद्दा भी उठाया कि महाविद्यालय में लाइब्रेरियन के पद पर पदस्थ नीरजा भगत को वर्तमान में हॉस्टल का प्रभार दिया गया है। राज्य स्तर/प्रशासन से नए छात्रावास अधीक्षक के रूप में वीरेंद्र सिन्हा की नियुक्ति काफी समय पहले हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक प्रभार नहीं सौंपा गया है।

​पंडित रेवतीरमण मिश्र शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य एच.एन. दुबे ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वीकार किया कि शिकायत उनके संज्ञान में भी आई है। प्राचार्य के अनुसार, उन्होंने करीब 15 दिन पहले ही प्रभारी अधीक्षिका नीरजा भगत को नवपदस्थ अधीक्षक वीरेंद्र सिन्हा को प्रभार सौंपने का स्पष्ट निर्देश दिया था, लेकिन अब तक प्रभार का हस्तांतरण नहीं किया गया है।

​कलेक्टर रेना जमील के आश्वासन के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर जांच टीम गठित कर पूरे मामले की पड़ताल की तैयारी की जा रही है।