CG News/कोरबा /छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और पवित्र वैवाहिक रिश्ते को शर्मसार कर दिया है।

दर्री थाना क्षेत्र में एक पत्नी ने ही अपने उस लाचार पति की जान ले ली, जो पिछले डेढ़ साल से लकवा और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों के कारण बिस्तर पर मौत से जंग लड़ रहा था। जिस पत्नी को पति अपना एकमात्र सहारा समझता था, उसी ने विश्वासघात की सारी हदें पार करते हुए उसे जहर पिलाकर मौत की नींद सुला दिया। इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किसी और ने नहीं, बल्कि घर के उन दो मासूम बच्चों ने किया, जिन्होंने अपनी आंखों से मां को ‘कातिल’ बनते देखा था।

मृतक अरुण सिंह (38 वर्ष) पिछले लंबे समय से बिस्तर पर था। लकवाग्रस्त होने के साथ-साथ उसे टीबी ने भी बुरी तरह जकड़ लिया था, जिसके कारण वह पूरी तरह अपनी पत्नी बंटी देवी के रहमोकरम पर निर्भर था। उसकी सेवा और देखभाल के नाम पर परिजन बंटी देवी को आर्थिक मदद भी दिया करते थे।

लेकिन बंटी देवी के मन में कुछ और ही चल रहा था। उसने अपने नापाक इरादे को अंजाम देने के लिए अपने ही 13 साल के बेटे का सहारा लिया और उसे झांसा देकर बाजार से फूलों में छिड़काव के बहाने कीटनाशक मंगवा लिया। मासूम बेटा यह समझ ही नहीं पाया कि वह जो दवा ला रहा है, वही उसके पिता की अंतिम सांसों का कारण बनेगी।

वारदात वाले दिन बंटी देवी ने एक सोची-समझी साजिश के तहत अपने दोनों बच्चों को कमरे से बाहर निकाल दिया। वह किचन में कीटनाशक को पानी के गिलास में मिलाने लगी, लेकिन इसी दौरान उसकी छोटी बेटी ने खिड़की के बाहर से यह मंजर देख लिया। सहमी हुई बच्ची भागकर अपने भाई के पास गई और मां की करतूत बताई।

भाई-बहन कुछ समझ पाते, उससे पहले ही बंटी देवी ने मरणासन्न हालत में पड़े पति को वह जहरीला पानी पिला दिया। रात में जब अरुण की तबीयत बिगड़ने लगी, तो बच्चे अपनी मां से पिता को अस्पताल ले जाने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन पत्थर दिल पत्नी पति की मौत का इंतजार करती रही। अगले दिन सुबह जब परिजनों को खबर लगी और अरुण को अस्पताल ले जाया गया, तो इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

अरुण की मौत के बाद बंटी देवी ने इसे एक सामान्य मौत का रूप देने की पूरी कोशिश की, लेकिन मासूम बच्चों की सच्चाई के आगे उसकी चालाकी धरी की धरी रह गई।

बच्चों ने पुलिस को बताया कि कैसे मां ने दवाई मंगाई थी और उसे गिलास में घोलकर पिता को पिलाया था। बच्चों के इस खुलासे के बाद पुलिस ने जब बंटी देवी से कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गई और अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। कोरबा के एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि आरोपी महिला को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।