Cg news।रायगढ़ ।छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कापू थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. ग्राम पंचायत रायमेर में करोड़ों रुपये की शासकीय (सरकारी) भूमि का कूटरचित पट्टा और फर्जी दस्तावेजों के जरिए अंतरण करने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

तत्कालीन पटवारी राकेश साय की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री में अनुप्रमाणक (गवाह/साक्षी) रहे अगस्तुस खलखो (43 वर्ष), निवासी पोराडाही (थाना धरमजयगढ़) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है.

इस हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा 11 अगस्त 2026 को तहसीलदार कापू उन्मेश पटेल द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के बाद हुआ था:

ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय भूमि के खसरा नंबर 479/2, 467/36, 467/25, 467/23, 310/10/ख और 310/10/2 आदि में पटवारी व भू-माफियाओं ने सांठगांठ कर रिकॉर्ड में हेरफेर किया और बाहरी व्यक्तियों के नाम पर फर्जी पट्टे तैयार किए.

फर्जी पट्टे तैयार होने के बाद दलालों और गवाहों की मदद से उक्त सरकारी जमीन को निजी व्यक्तियों के नाम पर उप-पंजीयक कार्यालय धरमजयगढ़ में पंजीकृत (रजिस्ट्री) करवा दिया गया.

एसडीएम धरमजयगढ़ के निर्देश और तहसीलदार की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना कापू में तत्कालीन पटवारी राकेश साय, मुख्तारधारी कैलाश कुमार जेठवानी उर्फ सोनी, विक्रेता उजितराम, अनुप्रमाणक साक्षी अगस्तुस खलखो और लालबहादुर यादव के खिलाफ अपराध क्रमांक 131/2026, धारा 420, 467, 468, 471, 120(B) IPC के तहत अपराध दर्ज किया गया.

पूर्व में गिरफ्तार हो चुका है आरोपी पटवारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए कापू थाना प्रभारी निरीक्षक धर्माराम तिर्की के नेतृत्व में 2 सितंबर 2026 को तत्कालीन पटवारी राकेश साय (45 वर्ष) को ग्राम गनपतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास से फर्जी दस्तावेज बनाने में प्रयुक्त लैपटॉप और प्रिंटर जब्त किए गए थे.

पटवारी की गिरफ्तारी के बाद से फरार चल रहे आरोपी अगस्तुस खलखो को पुलिस ने धरमजयगढ़ क्षेत्र से हिरासत में लेकर पूछताछ की.

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह भू-माफिया कैलाश जेठवानी उर्फ सोनी के कहने पर 20 अक्टूबर 2022 को पंजीयक कार्यालय धरमजयगढ़ पहुंचा था.

वहां उसने अपने पहचान पत्र जमा किए और सरकारी जमीन की अवैध रजिस्ट्री के दस्तावेजों पर बतौर साक्षी हस्ताक्षर किए थे.

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से साक्ष्य के तौर पर मोबाइल फोन जब्त किया है. आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी.