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CG News- हाईकोर्ट ने CREDA की नई भर्ती पर लगाई रोक, यह है मामला

CG News/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) में संविदा और अस्थायी नियुक्तियों को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने क्रेडा द्वारा निकाली गई उस नई भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसके माध्यम से पुराने संविदा कर्मचारियों को हटाकर नए अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति की तैयारी की जा रही थी। जस्टिस बी.डी. गुरु की सिंगल बेंच ने इस मामले में ऊर्जा सचिव और क्रेडा के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

क्या है पूरा मामला?
क्रेडा ने हाल ही में सर्विस प्रोवाइडर यूनिट के लिए नए संविदा कर्मचारियों की भर्ती हेतु एक विज्ञापन जारी किया था। इस विज्ञापन के खिलाफ रायपुर, राजनांदगांव, बेमेतरा, खैरागढ़-गंडई-छुईखदान और जशपुर सहित विभिन्न जिलों के करीब 52 कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि वे पहले से ही इन पदों पर कार्यरत हैं और उनकी सेवाओं को आगे बढ़ाने के बजाय विभाग उन्हें हटाकर नए सिरे से अस्थायी नियुक्तियां करना चाहता है।

याचिका में बताया गया कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए की गई थी और उनका वर्तमान अनुबंध 31 मार्च 2026 तक प्रभावी था। इसके बावजूद, विभाग ने नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी।

अदालत में दी गई दलीलें
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और अधिवक्ता नरेंद्र मेहर ने पैरवी की। उन्होंने अदालत के समक्ष दलील दी कि कानून के स्थापित सिद्धांतों के अनुसार, किसी भी संविदा या अस्थायी कर्मचारी को हटाकर उसकी जगह दूसरा अस्थायी कर्मचारी नियुक्त नहीं किया जा सकता। किसी संविदाकर्मी को केवल तभी हटाया जा सकता है जब उस पद पर नियमित और स्थायी नियुक्ति की जा रही हो।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध ‘मनीष गुप्ता बनाम चेयरमैन, जनभागीदारी समिति’ मामले का उदाहरण दिया गया। साथ ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के ही पुराने फैसलों (मंजू गुप्ता और अंकिता नामदेव मामले) का भी संदर्भ दिया गया, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि तदर्थ (Ad-hoc) नियुक्ति की जगह तदर्थ नियुक्ति नहीं की जा सकती।

क्रेडा को पहले भी लग चुका है झटका
सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि यह पहली बार नहीं है जब क्रेडा की भर्ती प्रक्रिया विवादों में आई हो। इससे पहले भी विभाग ने तकनीशियन पदों पर संविदा भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, जिस पर हाईकोर्ट ने पहले ही रोक लगा रखी है।

हाईकोर्ट का कड़ा रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने वर्तमान विज्ञापन के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके साथ ही ऊर्जा विभाग के सचिव, क्रेडा के अधीक्षण अभियंता, जोनल कार्यालय के कार्यपालन अभियंता और सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर पूछा है कि किन परिस्थितियों में यह नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। अब इस मामले की अगली सुनवाई में सरकार को अपना पक्ष रखना होगा।

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