अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक ट्रेडिंग कंपनी से फर्जी कैश रसीद और सील के जरिए 50 लाख रुपये से अधिक का सामान निकालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी के एक कर्मचारी और पूर्व कर्मचारी ने कथित तौर पर गंगापुर में अलग गोदाम बनाकर वहां सामान पहुंचाया और फिर दुकानों में सप्लाई किया।

कंपनी संचालक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, देवीगंज रोड निवासी कान्हा अग्रवाल खरसिया रोड पर अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी का संचालन करते हैं। कंपनी में अंजुम निशा पिछले करीब छह वर्षों से बिलिंग ऑपरेटर के रूप में काम कर रही थी। वहीं, रविंद्र यादव उर्फ विक्की को कंपनी संचालक ने करीब छह महीने पहले काम से हटा दिया था। आरोप है कि इसके बाद दोनों ने मिलकर कंपनी के सामान की हेराफेरी की योजना बनाई।

शिकायत के मुताबिक, अंजुम निशा और रविंद्र यादव ने कथित तौर पर ट्रेडिंग कंपनी की फर्जी सील बनवाई और फर्जी कैश रसीदों के जरिए पिछले करीब चार महीने से सामान निकालते रहे। सामान को पिकअप और अन्य मालवाहक वाहनों के माध्यम से गंगापुर स्थित एक गोदाम तक पहुंचाया जाता था।

इसके बाद वहां से अलग-अलग दुकानों में सामान की सप्लाई किए जाने का आरोप है।

मामले का खुलासा 21 अक्टूबर को हुआ, जब कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी सचिन टोप्पो ने संचालक कान्हा अग्रवाल को फर्जी नकदी रसीदों के जरिए सामान निकाले जाने की जानकारी दी।

इसके बाद संचालक ने रसीदों और कंपनी के हिसाब-किताब की जांच कराई। जांच में पिछले चार महीनों के दौरान 50 लाख रुपये से अधिक के सामान की कथित हेराफेरी सामने आने का दावा किया गया। इसके बाद कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस ने इस मामले में अंजुम निशा, रविंद्र यादव और रूपेश यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और कथित हेराफेरी में प्रत्येक आरोपी की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।