CG Liquor Scam।रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3,000 करोड़ के शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय को बड़ी सफलता मिली है।

CG Liquor Scam।ईडी ने छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार कर विशेष कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने आरोपी को 18 अगस्त 2026 तक 7 दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया है।

CG Liquor Scam।गौरतलब है कि रामगोपाल अग्रवाल पहले से ही रायपुर केंद्रीय जेल में विचाराधीन बंदी के रूप में निरुद्ध थे, जिन्हें अदालत की अनुमति के बाद ईडी ने आधिकारिक रूप से अपनी हिरासत में लिया है।

ईडी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी जांच रायपुर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज एफआईआर व चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई थी।

एजेंसी की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच आबकारी विभाग में एक बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था।

सेवानिवृत्त IAS अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और ITS अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी द्वारा संचालित सिंडिकेट ने समानांतर अवैध शराब नेटवर्क चलाया।

बिना हिसाब-किताब वाली देशी शराब की समानांतर बिक्री, डिस्टिलरों व विदेशी शराब कंपनियों से अवैध कमीशन और FL-10A लाइसेंस बांटने के एवज में करीब 3,000 करोड़ की अपराध आय (Proceeds of Crime) अर्जित की गई।

प्रवर्तन निदेशालय ने विशेष पीएमएलए कोर्ट के समक्ष दावा किया है कि इस अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाया जाता था:

PMLA की धारा 50 के तहत दर्ज सिंडिकेट के हैंडलरों और नकदी ट्रांसफर करने वाले कर्मचारियों के बयानों में यह पुष्टि हुई है कि करोड़ों रुपये की नकदी रामगोपाल अग्रवाल के पास भेजी गई।

 ईडी का आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल के सीधे निर्देशों पर वसूली की यह अनअकाउंटेड कैश राशि रायपुर स्थित तत्कालीन कांग्रेस मुख्यालय ‘राजीव भवन’ में डिलीवर की जाती थी।

7 दिनों की रिमांड अवधि के दौरान ईडी की टीम रामगोपाल अग्रवाल से इस अवैध फंड के मुख्य स्रोतों, मनी ट्रेल और इसमें शामिल अन्य राजनीतिक व प्रशासनिक हस्तियों के संबंधों को लेकर गहन पूछताछ करेगी।