ज्वेलर्स डकैती केस में बड़ा फैसला: 5 दोषियों को उम्रकैद, महिला आरोपी भी दोषी.. फरारों पर स्थायी वारंट

रामानुजगंज/बलरामपुर..(पृथ्वीलाल केशरी).छत्तीसगढ़ को हिला देने वाली राजेश ज्वेलर्स डकैती मामले में अदालत ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ की अदालत ने पाँच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें महिला आरोपी अंजनी एक्का भी शामिल है, जिसने लूट के सोने को खपाने में गिरोह की मदद की थी।
मामला जिससे हिल गया रामानुजगंज
11 सितंबर 2024 की दोपहर गांधी चौक स्थित राजेश ज्वेलर्स में आठ हथियारबंद बदमाशों ने फ़िल्मी अंदाज़ में धावा बोला था। पिस्तौल और देशी कट्टों से लैस लुटेरों ने दुकान मालिक राजेश सोनी को बुरी तरह घायल कर दिया और 5 किलो सोना, 7 किलो चांदी व 7 लाख रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। कुल लूट की कीमत करीब ₹2.87 करोड़ आंकी गई थी। दुकान में मौजूद ग्राहक दंपती लालेश्वर और शोभा गुप्ता से भी लुटेरों ने सोने की चैन, अंगूठी और मोबाइल छीन लिए थे।
अदालत का सख्त रुख और फैसला
अदालत ने आनंद सोनी उर्फ सोनू, मोनू सोनी उर्फ राजा, राहुल मेहता, अरविंद कुमार और अंजनी एक्का को भारतीय न्याय संहिता की धारा 310(6) और 311 के तहत दोषी पाया। मोनू सोनी को अतिरिक्त रूप से आयुध अधिनियम धारा 25 में भी दोषी ठहराया गया।
सजा का विवरण
आरोपियों को आजीवन कारावास (धारा 310(6) के तहत 50,000 का जुर्माना,7 वर्ष का सश्रम कारावास धारा 311 के तहत। जबकि मोनू सोनी को 3 वर्ष का अतिरिक्त कारावास आयुध अधिनियम के तहत अदालत ने सजा का ऐलान किया है। अदालत ने फैसले में कहा कि जुर्माना नहीं देने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएँ साथ-साथ चलेंगी।
अंजनी एक्का की भूमिका
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अंजनी एक्का ने गिरोह के सरगना सोनू सोनी के साथ मिलकर लूट का माल छिपाया। रकम को अपने बैंक खाते में जमा किया। उसके खाते से 6,59,500 बरामद हुए। अदालत ने अपील अवधि के बाद पीड़ित राजेश सोनी को लौटाने का आदेश दिया है।
अब भी फरार हैं कुछ आरोपी
अदालत ने विक्की सिंह, रोहित कुमार सिंह और राधेश्याम उर्फ श्याम पासवान को फरार घोषित कर स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। डबलू प्रसाद गुप्ता और रविकांत पासवान उर्फ साधू के खिलाफ जप्ती व गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी है।
अदालत की सख्त टिप्पणी
न्यायाधीश हेमंत सराफ ने फैसले में कहा कि दिन-दहाड़े हथियारों के बल पर की गई यह डकैती समाज में भय का वातावरण उत्पन्न करती है। ऐसे अपराधों पर कठोरतम दंड ही न्याय है।
जांच और पैरवी
विवेचना निरीक्षक रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में संपन्न हुई थी। जप्त माल में 4208 ग्राम सोना, 6800 ग्राम चांदी, बोलेरो वाहन, मोटरसाइकिल और हथियार शामिल हैं, जो न्यायालय अभिरक्षा में रखे गए हैं।





