Ayodhya Ram mandir CEO: अयोध्या राम मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति को लेकर देशभर में काफी उत्साह देखने को मिला है. आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने तक CEO पद के लिए दो हजार से अधिक आवेदन ट्रस्ट को मिले हैं.

Ayodhya Ram mandir CEO।खास बात यह है कि आवेदकों में सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारी, सेवानिवृत्त प्रशासनिक ऑफिसर्स, कॉरपोरेट क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी, मंदिर प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों के साथ-साथ एक चर्चित व्यंग्यकार ने भी अपनी दावेदारी पेश की है.

Ayodhya Ram mandir CEO।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार मंदिर के प्रशासनिक संचालन को अधिक प्रोफेशनल और व्यवस्थित बनाने के लिए CEO का पद बनाया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में की जा रही है, जब हाल के महीनों में मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के बाद मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे. जिसे देखते हुए ट्रस्ट ने चयन प्रक्रिया शुरू करते हुए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे थे.

Ayodhya Ram mandir CEO।सूत्रों के अनुसार, राम मंदिर के पहले CEO पद के लिए आवेदनों की संख्या उम्मीद से कहीं ज्यादा रही है. पहले 48 घंटे में ही एक हजार से ज्यादा आवेदन आ गए थे और आवेदन के आखिरी दिन तक यह संख्या दो हजार के पार पहुंच गई. इतनी बड़ी संख्या में आवेदन मिलने के बाद अब चयन समिति के सामने योग्य उम्मीदवारों की छंटनी एक बड़ी चुनौती बन गई है.

इस पद के लिए ट्रस्ट ने कुछ अहम शर्तें भी तय की हैं. उम्मीदवार की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसके पास कम से कम 20 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव होना जरूरी है. साथ ही आवेदक को हिंदू और भगवान श्रीराम का श्रद्धालु होना चाहिए. मंदिर, धार्मिक संस्थानों, ट्रस्ट प्रबंधन, वित्त, मानव संसाधन, सुरक्षा, जनसंपर्क या प्रशासनिक कार्यों का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी.

अयोध्या राम मंदिर के लिए चुने गए CEO को अयोध्या में रहकर मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं, प्रशासनिक संचालन, श्रद्धालुओं के प्रबंधन और अन्य विभागों के समन्वय की जिम्मेदारी संभालनी होगी.

 

3 सदस्यों की समिति करेगी चयन

ट्रस्ट ने आवेदन की जांच के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति बनाई है, जिसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी सेवानिवृत्त और सुरेश हावरे शामिल हैं.

यह समिति सभी आवेदनों की समीक्षा करने के बाद अधिकतम तीन नाम ट्रस्ट बोर्ड को सौंपेगी. CEO पद के नाम पर आखिरी फैसला ट्रस्ट बोर्ड करेगा.

संभावना है कि 22 जुलाई को प्रस्तावित ट्रस्ट बोर्ड की बैठक में रिक्त पदों पर फैसला हो सकता है. सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी चयन प्रक्रिया ट्रस्ट खुद ही संचालित कर रहा है.

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत गठित यह ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है और इसकी नियुक्तियों या प्रशासनिक फैसलों में सरकार की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती है.