anti naxal operation :भारत में नक्सलवाद के खात्मे की ओर एक बड़ा कदम बढ़ा है। केंद्र सरकार के 2024 में शुरू किए गए निर्णायक अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों को जबरदस्त सफलता मिली है। बुधवार को हुए एक बड़े ऑपरेशन में 27 खूंखार नक्सलियों को मार गिराया गया, जिनमें माओवादी महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू भी शामिल था। यह वही बसवराजू है जो 2010 के दंतेवाड़ा हमले और 2013 के झीरम घाटी नरसंहार का मास्टरमाइंड रहा है, और जिसके सिर पर 1.5 करोड़ रुपये का इनाम था।

anti naxal operation :गृह मंत्री अमित शाह ने इस सफलता को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह पहली बार है जब सुरक्षाबलों ने किसी महासचिव स्तर के नक्सली को ढेर किया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि मोदी सरकार मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अमित शाह ने ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट का हवाला देते हुए बताया कि इसके तहत छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और तेलंगाना में अब तक 54 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 84 ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

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पिछले 14 महीनों में 400 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया गया है। हालिया मुठभेड़ों की श्रृंखला में कई बड़े नक्सली कमांडर मारे गए हैं। अप्रैल 2024 में कांकेर जिले में मारे गए 29 नक्सलियों में शंकर राव का भी खात्मा हुआ, जिस पर 25 लाख रुपये का इनाम था। जनवरी 2025 में बीजापुर में सुरक्षाबलों ने 90 लाख के इनामी नक्सली चालापति को मार गिराया। इससे पहले नवंबर 2024 में कर्नाटक के उडुपी जिले में विक्रम गौड़ा ढेर किया गया, जो दक्षिण भारत में नक्सल आंदोलन का बड़ा चेहरा था।

anti naxal operation : अब सुरक्षा एजेंसियों की नजर माड़वी हिड़मा पर है, जो देश का सबसे कुख्यात नक्सली नेता माना जाता है। 2010 के ताड़मेटला हमले में 76 सीआरपीएफ जवानों की शहादत के पीछे उसका हाथ था। विशेषज्ञों के अनुसार, बसवराजू की मौत नक्सली संगठन की कमर तोड़ देने वाली है और अब हिड़मा आखिरी बड़ा चेहरा बचा है।

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी इस ऑपरेशन को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ रही है। सरकार बनने के बाद से सुरक्षाबलों के अभियान में लगातार तेजी आई है और जंगल के भीतर नक्सलियों के छिपने के सारे रास्ते बंद किए जा रहे हैं।

देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही इस निर्णायक लड़ाई ने अब एक मोड़ ले लिया है, जहां न केवल नक्सलियों का सफाया हो रहा है, बल्कि आत्मसमर्पण की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। लाल आतंक से तौबा करने वालों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।

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लाल आतंक के खिलाफ सफलता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि अब नक्सली लाल आतंक से तौबा कर रहे हैं और मुख्यधारा में लौट रहे हैं. वहीं, जो आतंक की दुनिया को नहीं छोड़ रहे हैं वो इस दुनिया को छोड़ रहे हैं. अभी तक बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हथियार डाले हैं और मुख्यधारा में लौटे हैं. इसके लिए सरकार ने उदार आत्मसमर्पण नीति भी बनाई है. आज के ऑपरेशन पर गृह मंत्री अमित शाह और छत्तीसगढ़ के सीएम ने क्या कहा, इससे पहले आइए जानते हैं 2024 से अब तक कब-कितने नक्सली मारे गए.

  • 3 मार्च 2024: कांकेर जिले के छोटेबेथिया थाना क्षेत्र में हिदूर गांव के पास 1 नक्सली मारा गया. उसके पास से एक AK-47 राइफल बरामद की गई.
  • 20 मार्च 2024: बीजापुर और कांकेर जिलों में मुठभेड़ में कुल 30 नक्सली मारे गए. (बीजापुर में 26, कांकेर में 4). 500 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों ने 7 घंटे तक ऑपरेशन चलाया था.
  • 29 मार्च 2024: सुकमा जिले के केरलापाल क्षेत्र में मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए.
  • 2 अप्रैल 2024- नेड्रा, बीजापुर, 13 नक्सली ढेर
  • 16 अप्रैल 2024- छोटे बेठिया, कांकेर, 29 नक्सली ढेर
  • 30 अप्रैल 2024- टेकमेटा, नारायणपुर, 10 नक्सली ढेर
  • 10 मई 2024- पीडिया, बीजापुर, 12 नक्सली ढेर
  • 23-24 मई 2024- अबूझमाड़, 8 नक्सली ढेर
  • 15 जून 2024- अबूझमाड़, नारायणपुर, 8 नक्सली ढेर
  • 3 सितंबर 2024- पुरंगेल, दंतेवाड़ा, 9 नक्सली ढेर
  • 4 अक्टूबर 2024- थुलथुली, दंतेवाड़ा, 38 नक्सली ढेर
  • 22 नवंबर 2024- भेज्जी, कोंटा, 10 नक्सली ढेर
  • 12 दिसंबर 2024- अबूझमाड़, नारायणपुर, 7 नक्सली ढेर

साल 2025

  • 4 जनवरी: अबूझमाड़ के जंगल में मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए. इसमें एक महिला नक्सली भी थीं.
  • 9 जनवरी: सुकमा-बीजापुर बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ में 3 नक्सली मारे गए.
  • 12 जनवरी: बीजापुर के मद्देड़ इलाके में हुई मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए. इसमें 2 महिला नक्सली भी थीं.
  • 16 जनवरी: छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर पर कांकेर पुजारी गांव में 18 नक्सली मारे गए.
  • 20-21 जनवरी: गरियाबंद जिले में मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए.
  • 2 फरवरी- बीजापुर के गंगालूर में हुई मुठभेड़ में 8 नक्सली ढेर.
  • 10 फरवरी: बीजापुर 31 नक्सली मारे गए. इसमें 11 महिला नक्सली भी थीं.
  • 14 मई: कुर्रेगुट्टा पहाड़ पर हुए ऑपरेशन में 31 नक्सली मारे गए.
  • 21 मई: नारायणपुर में हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली ढेर. 1 करोड़ का इनामी राजू भी मारा गया.