जशपुर: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से जालसाजी और सरकारी योजना का अनुचित लाभ उठाने का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

यहां की पत्थलगांव पुलिस ने एक ऐसे शातिर सरकारी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिसने फर्जी तरीके से अपनी वास्तविक आमदनी को छुपाया और खुद को गरीब किसान बताकर फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवा लिया.

आरोपी ने इस फर्जी दस्तावेज के जरिए शासन की एक महत्वाकांक्षी योजना का दुरुपयोग करते हुए अपनी बेटी का निशुल्क (फ्री) एडमिशन करवा दिया, जिससे एक गरीब और वास्तविक हकदार प्रतिभावान बच्चे का हक मारा गया.

यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब ददिबल प्रसाद विश्वकर्मा ने थाना पत्थलगांव में आरोपी शिक्षक के खिलाफ एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई. शिकायत के अनुसार, ग्राम जामझोर (तहसील पत्थलगांव) का निवासी चमर साय पैकरा (41 वर्ष) शिक्षा विभाग में एक शासकीय शिक्षक के पद पर कार्यरत है.

उसने अपनी असली आय को छुपाते हुए महज 75,000 रुपये वार्षिक आमदनी दर्शाने वाला एक फर्जी आय प्रमाण पत्र और झूठा शपथ पत्र तैयार करवाया. इसी फर्जी कागजात के बूते उसने अपनी बेटी को ‘पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना’ के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 6वीं में पूरी तरह निशुल्क प्रवेश दिला दिया.

शिकायत मिलने के बाद पत्थलगांव पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की और खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय से आरोपी शिक्षक के वेतन संबंधी अभिलेख व दस्तावेज हासिल किए, तो पुलिस के भी होश उड़ गए.

रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी शिक्षक चमर साय पैकरा की वास्तविक वार्षिक आय लगभग 6,79,471 रुपये थी. इसके बावजूद उसने आदिवासी विकास विभाग और राजस्व विभाग के सामने खुद को महज एक गरीब कृषक बताते हुए गलत जानकारी पेश की थी.

पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि आरोपी शिक्षक के इस कृत्य के कारण आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के उन प्रतिभावान विद्यार्थियों के अधिकारों का हनन हुआ है, जो इस सरकारी योजना के असली पात्र थे.

पर्याप्त सबूत और साक्ष्य मिलने के बाद पत्थलगांव पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ अपराध क्रमांक 55/2026 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया. 30 मई 2026 की दोपहर 12:10 बजे पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी शिक्षक चमर साय पैकरा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है.