रायपुर। भारत सरकार द्वारा 14 जून 2022 को जब केंद्र सरकार ने अग्निवीर योजना की शुरुआत की थी तब एक सवाल उठा था, रिटायरमेंट के बाद भविष्य क्या होगा?

छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसे उठ रहे सवालों को लेकर अपनी नीति साफ कर दी है। पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले कर दिया था।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग में छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 को हरी झंडी दे दी है।

बता दें, मंत्रिपरिषद ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही कर दिया है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा, जाहिर है इन पदों पर सेवा करने का अवसर भी पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा।

10 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 बनाया गया है, भर्ती नियम को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तें, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब पूर्व अग्निवीरों का राज्य सरकार की सिविल सेवाओं में भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।

यह भी तय हो गया है, बतौर अग्निवीर देश सेवा से रिटायर होकर प्रदेश वापस लौटने पर राज्य सरकार की सिविल सेवाओं में नौकरी का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार ने अग्निवीरों के सुरक्षित भविष्य की गारंटी दे दी है।