प्राचार्यों पर कार्रवाई : प्राचार्य कल्याण संघ ने उठाए गंभीर सवाल, कहा – क्या विद्यालय के परिणाम के लिए सिर्फ प्राचार्य ही जिम्मेदार हैं..?

बिलासपुर। बोर्ड परीक्षा 10वीं एवं 12वीं के आधार पर बालोद जिले में जिला प्रशासन द्वारा प्राचार्यो पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है अन्य जिलों में भी ऐसी कार्यवाही की आशंका है। प्राचार्य कल्याण संघ के अध्यक्ष कामेश्वर बैरागी ने इस कार्यवाही का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि प्राचार्य का पक्ष जाने बगैर जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई का प्राचार्य कल्याण संघ विरोध करता है। यह उनके अधिकार क्षेत्र में भी नहीं है।
एक बयान में उन्होंने आगे कहा कि प्रश्न उठता है कि विद्यालय के परीक्षा परिणाम के लिए क्या केवल प्राचार्य जिम्मेदार है, जिला शिक्षा अधिकारी जिनके दिशा -निर्देश एवं नियंत्रण पर प्राचार्य कार्य करता है क्या उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। व्याख्याता जो अध्यापन कार्य कराता है उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है।रिजल्ट सामूहिक प्रयास एवं बेहतर वातावरण से संभव है तो कार्यवाही केवल प्राचार्य पर क्यों ?प्राचार्य को अपना पक्ष रखने दिए बिना एवं परिस्थितियों का परीक्षण किए बगैर कार्रवाई न्यायोचित प्रतीत नहीं होती है।
कामेश्वर बैरागी ने आगे कहा कि कुछ जिलों में परीक्षा परिणाम राज्य के औसत परिणाम से कम है उसी प्रकार कुछ विद्यालयों का परिणाम जिले के औसत परिणाम से बहुत कम आया है।स्कूलों के प्राचार्य से इस संबंध में स्पष्टीकरण लिए लिया जाय उसका परीक्षण कर उचित कार्रवाई किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल कार्यवाही किसी समस्या का समाधान नहीं है। बेहतर परिणाम के लिए समयबद्ब कार्ययोजना बनाई जाए उसका समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाए और आशानुरूप प्रगति ना हो वहां आवश्यक मार्गदर्शन किया जाए, संसाधनों का समान वितरण हो, गैर शैक्षणिक कार्य पर थोड़ा नियंत्रण किया जाए उसके बाद भी जिनके द्वारा अपने कर्तव्य के निर्वहन में लापरवाही बरती जा रही हो या गम्भीरता पूर्वक अपने जिम्मेदारी का वहन नहीं किया जा रहो हो, तो ऐसे जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके साथ ही बेहतर कार्य करने वालों (रिजल्ट देने वाले प्राचार्य , व्याख्याताओं) को प्रोत्साहन कर सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाने की आवश्यकता है।





