बिलासपुर… ब्लॉक स्तरीय कांग्रेस की संभागीय प्रशिक्षण कार्यशाला के तीन दिवसीय आयोजन का शनिवार को समापन हुआ। 10 से 12 सितंबर तक चले प्रशिक्षण में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने ब्लॉक अध्यक्षों को चुनावी रणनीति, संगठन को मजबूत करने और सरकार की नीतियों को लेकर जनता के बीच जाने का मंत्र दिया। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि शासन के नियम-कायदे और फैसलों की जमीनी हकीकत जनता तक पहुंचाने के साथ सरकार की कथित नाकामियों को भी सामने लाया जाए।

समापन के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पत्रकारों से रूबरू हुए और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार आदिवासी और अनुसूचित जाति वर्ग के हितों के खिलाफ काम कर रही है। बैज ने कहा कि प्रदेश के संसाधनों को चुनिंदा लोगों के हाथों में सौंपा जा रहा है और इसे कांग्रेस किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी।

प्रेसवार्ता में बैज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आदिवासी पहचान को लेकर ही सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने पत्रकारों से उल्टा सवाल करते हुए कहा, “क्या आप लोगों को लगता है कि मुख्यमंत्री आदिवासी हैं? वह तो खुद को बनवासी कहते हैं। फिर सोचने वाली बात है कि वह आदिवासी मुख्यमंत्री कैसे हुए?”

बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री यदि स्वयं को आदिवासी नहीं मानते और अपने लिए ‘बनवासी’ शब्द का इस्तेमाल करते हैं तो कांग्रेस उन्हें आदिवासी मुख्यमंत्री नहीं मानती। उन्होंने विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री की ओर से शुभकामना संदेश नहीं दिए जाने को भी मुद्दा बनाया। बैज ने सवाल किया कि आखिर किस दबाव में मुख्यमंत्री ने आदिवासी दिवस पर समाज को बधाई नहीं दी, इस पर विचार करने की जरूरत है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आदिवासी समाज केवल पहचान का विषय नहीं, बल्कि जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा वर्ग है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से आदिवासी और अनुसूचित जाति वर्ग के हित प्रभावित हो रहे हैं। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक जनता के बीच जाएगी और सरकार के फैसलों का हिसाब मांगेगी।