तातापानी महोत्सव में विकास की बड़ी सौगात, परंपरा और प्रगति का अनोखा संगम.. मुख्यमंत्री ने बसाया 200 बेटियों का घर
आस्था, विकास और सामाजिक सौहार्द एक मंच पर

बलरामपुर…(पृथ्वीलाल केशरी )मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल तातापानी में आयोजित महोत्सव उस वक्त खास बन गया, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्राचीन तपेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। आस्था, संस्कृति और जनसरोकार से जुड़ा यह आयोजन पूरे क्षेत्र में उत्सव का केंद्र बना रहा।
मुख्यमंत्री ने बच्चों संग मनाया पर्व, पतंगबाजी
महोत्सव के उल्लासपूर्ण माहौल में मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल और हिंदी माध्यम विद्यालय के छात्रों के साथ चकरी और मांझा थामकर पतंगबाजी की। मंदिर परिसर में पारंपरिक चारपाई पर बैठकर उन्होंने साल पत्ती के दोने में परोसी गई गजक, खोभी लाई, तिलकुट और तिल के लड्डुओं का स्वाद लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और पारंपरिक मूल्यों का प्रतीक पर्व है, जिसमें स्नान, दान और तिल से बने व्यंजनों का विशेष महत्व है।
667 करोड़ से अधिक की सौगात
महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले को 667 करोड़ 57 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी।
इसमें 323 करोड़ 96 लाख 21 हजार रुपये की लागत से 140 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 343 करोड़ 61 लाख 25 हजार रुपये की लागत से 71 विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन शामिल है। इन परियोजनाओं को क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।
200 नवयुगल एक साथ परिणय सूत्र में बंधे
मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में महोत्सव के दौरान 200 नवयुगल जोड़े विवाह बंधन में बंधे। इनमें 195 हिंदू और 5 क्रिश्चियन जोड़ों का विवाह उनके-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ। इस सामूहिक विवाह आयोजन ने सामाजिक एकता, भाईचारे और समानता का सशक्त संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने इसे भावुक क्षण बताते हुए कहा कि 200 बेटियों का विवाह संपन्न होना समाज के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को सुखद, समृद्ध और खुशहाल दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।
सामाजिक एकजुटता का प्रतीक तातापानी महोत्सव
मुख्यमंत्री ने कहा कि तातापानी महोत्सव केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द और समानता की भावना को मजबूत करने वाला मंच है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, सामरी विधायक उद्देश्वरी पैकरा, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, धरसीवां विधायक अनुज शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।




