CG High Court/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि विभाग की ओर से हिंदी टाइपिंग कौशल परीक्षा आयोजित नहीं किए जाने के कारण किसी कर्मचारी की वेतनवृद्धि नहीं रोकी जा सकती।

जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने अनुकंपा नियुक्ति पर पदस्थ पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (मंत्रालयीन) एल. वेंकट सत्यनारायण की याचिका स्वीकार करते हुए वर्ष 2020 से 2023 तक की देय वेतनवृद्धि देने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने पुलिस विभाग को तीन महीने के भीतर वेतन का पुनर्निर्धारण कर नियमानुसार बकाया मौद्रिक लाभ जारी करने को कहा है।

मामले के अनुसार, रायपुर स्थित पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में पदस्थ एल. वेंकट सत्यनारायण को 6 जनवरी 2020 को अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर सहायक उपनिरीक्षक (मंत्रालयीन) के पद पर नियुक्त किया गया था। बाद में उनकी सेवाएं नियमित कर दी गईं। याचिकाकर्ता का कहना था कि हिंदी टाइपिंग कौशल परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त के आधार पर विभाग ने उनकी वार्षिक वेतनवृद्धि रोक दी थी।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता प्रकाश तिवारी ने हाई कोर्ट को बताया कि संबंधित सक्षम प्राधिकारी ने लंबे समय तक हिंदी टाइपिंग परीक्षा आयोजित ही नहीं की। कर्मचारी ने इस संबंध में 20 जुलाई 2026 को अभ्यावेदन भी प्रस्तुत किया था। विभाग ने 10 सितंबर 2026 को जारी पत्र में परीक्षा आयोजित नहीं होने की बात स्वीकार की, इसके बावजूद वेतनवृद्धि से जुड़ी विसंगति दूर नहीं की गई।

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने स्वीकार किया कि इस विवाद से जुड़ा मुद्दा हाई कोर्ट के 6 अक्टूबर 2026 के एक अन्य फैसले में पहले ही तय किया जा चुका है। उस फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जब विभाग ने लंबे समय तक हिंदी टाइपिंग कौशल परीक्षा आयोजित नहीं की, तो कर्मचारी को परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करने के आधार पर उस अवधि की वेतनवृद्धि से वंचित नहीं किया जा सकता।

इसी आधार पर हाई कोर्ट ने कहा कि विभाग की अपनी ओर से परीक्षा आयोजित नहीं किए जाने का खामियाजा कर्मचारी को नहीं भुगतना चाहिए।CG High Court

इसलिए वर्ष 2020 से 2023 तक की देय वेतनवृद्धि केवल इस वजह से नहीं रोकी जा सकती कि कर्मचारी हिंदी टाइपिंग परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाया, जबकि उसे परीक्षा में शामिल होने का अवसर ही नहीं मिला था।

हालांकि, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की वेतनवृद्धि और सेवा संबंधी लाभों के लिए लागू नियमों के अनुसार हिंदी टाइपिंग परीक्षा में शामिल होकर उसे उत्तीर्ण करना आवश्यक रहेगा। हाई कोर्ट ने पुलिस विभाग को निर्देश दिया है कि तीन महीने के भीतर याचिकाकर्ता का वेतन पुनर्निर्धारित किया जाए और वर्ष 2020 से 2023 तक की वेतनवृद्धि के आधार पर नियमानुसार बकाया मौद्रिक लाभ का भुगतान किया जाए।CG High Court