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CG NEWS:डी पी विप्र कॉलेज की स्वायत्तता के पक्ष में  उच्च न्यायालय ने दिया फैसला,एयू की आपत्ति निरस्त

CG NEWS:बिलासपुर, । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डीपी विप्र महाविद्यालय के मामले में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्णय को अंतिम रूप से मान्य कर दिया है। साथ ही अटल बिहारी विश्वविद्यालय की आपत्तियों को अवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया है।
डी पी विप्र महाविद्यालय की स्वायत्तता समिति के अध्यक्ष राज कुमार अग्रवाल ने बताया कि आज  उच्च न्यायालय, बिलासपुर के विद्वान न्यायाधीश  अमितेन्द्र किशोर प्रसाद ने अटल बिहारी विश्व विद्यालय के कुलपति ए डी एन बाजपेई द्वारा विश्व विद्यालय अनुदान आयोग द्वारा महाविद्यालय को दिये गये स्वायत महाविद्यालय के दर्जे में बाधा डालने के प्रयासों को अवैधानिक बताते हुये अनुदान आयोग के निर्णय को अंतिम रूप से मान्य बताया और विश्व विद्यालय की आपत्तियों को अवैधानिक मानते हुये निरस्त कर दिया ।
 उन्होने बताया कि  उच्च न्यायालय के फैसले से महाविद्यालय में खुशी और उत्साह की लहर फैल गई और नगर
के शिक्षा जगत में इस बहुचर्चित मामले में विश्व विद्यालय के अनावश्यक रवैये की आलोचना की जा रही है।
श्री अग्रवाल ने इसे छत्तीसगढ़ के छात्र, नागरिकों और शिक्षा की विजय बताते हुये कहा कि प्रारंभ से कुलपति श्री बाजपेई  स्वार्थ वश  ही क्षेत्र के छात्रों और शिक्षा की प्रगति में अनावश्यक रोड़ा आटका रहे थे । उन्होने कहा कि इस निजी स्वार्थ के लिये कुलपति ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुये विश्व विद्यालय का लगभग 20 लाख रुपयों का अनावश्यक व्यय और किमती समय बर्बाद किया है  ।जिसकी भरपाई उनसे व्यक्तिगत रुप से की जानी चाहिये।
उन्होने कुलपति ए डी एन बाजपेई से विश्व विद्यालय की छवि गिराने के लिये त्यागपत्र की भी मांग की है और त्यागपत्र न देने पर छत्तीसगढ़ शासन से उन्हे धारा 52 के अंगर्गत हटाने की मांग की है।

Chief Editor

छत्तीसगढ़ के ऐसे पत्रकार, जिन्होने पत्रकारिता के सभी क्षेत्रों में काम किया 1984 में ग्रामीण क्षेत्र से संवाददाता के रूप में काम शुरू किया। 1986 में बिलासपुर के दैनिक लोकस्वर में उपसंपादक बन गए। 1987 से 2000 तक दिल्ली इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के राष्ट्रीय अखबार जनसत्ता में बिलासपुर संभाग के संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं। 1991 में नवभारत बिलासपुर में उपसंपादक बने और 2003 तक सेवाएं दी। इस दौरान राजनैतिक विश्लेषण के साथ ही कई चुनावों में समीक्षा की।1991 में आकाशवाणी बिलासपुर में एनाउँसर-कम्पियर के रूप में सेवाएं दी और 2002 में दूरदर्शन के लिए स्थानीय साहित्यकारों के विशेष इंटरव्यू तैयार किए ।1996 में बीबीसी को भी समाचार के रूप में सहयोग किया। 2003 में सहारा समय रायपुर में सीनियर रिपोर्टर बने। 2005 में दैनिक हरिभूमि बिलासपुर संस्करण के स्थानीय संपादक बने। 2009 से स्वतंत्र पत्रकार के रूप में बिलासपुर के स्थानीय न्यूज चैनल ग्रैण्ड के संपादक की जिम्मेदारी निभाते रहे । छत्तीसगढ़ और स्थानीय खबरों के लिए www.cgwall.com वेब पोर्टल शुरू किया। इस तरह अखबार, रेडियो , टीवी और अब वेबमीडिया में काम करते हुए मीडिया के सभी क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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