आवाज़ के 90 साल, अब कदमों में जश्न—20 मई को बिलासपुर में आकाशवाणी का वॉकेथॉन
जब शहर चलेगा साथ—आकाशवाणी के 90 साल पर 20 मई को वॉकेथॉन

बिलासपुर…बिलासपुर की सुबह 20 मई को एक खास अंदाज़ में जागेगी। यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि 90 वर्षों की उस विरासत का उत्सव है जिसने पीढ़ियों को जोड़ा, जानकारी दी और समाज की धड़कनों को आवाज़ दी। आकाशवाणी बिलासपुर अपने 90 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर “वॉकेथॉन” का आयोजन कर रहा है, जो शहर को सेहत, सामाजिक जागरूकता और एकजुटता के सूत्र में बांधने जा रहा है। शहरवासियों से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
90 वर्षों की विश्वसनीय विरासत
नौ दशकों की यात्रा में आकाशवाणी ने समाचार, संगीत, साहित्य, शिक्षा, कृषि और लोकसंस्कृति को घर-घर तक पहुँचाया है। कार्यक्रम प्रमुख डॉ. सुप्रिया भारतीयन के अनुसार, आकाशवाणी ने देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और जनजागरण की परंपरा को सशक्त स्वर दिया है और आज भी यह जनमानस से जुड़े सबसे विश्वसनीय प्रसारण माध्यमों में अपनी पहचान बनाए हुए है।
शहर के साथ कदम से कदम
इस वॉकेथॉन में लगभग 200 प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें आकाशवाणी के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़े संसाधन व्यक्ति, वार्ताकार, चिकित्सक और शहर के गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। डॉ. सुप्रिया भारतीयन ने बताया कि यह आयोजन केवल एक पदयात्रा नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है।
आयोजन की रूपरेखा
प्रतिभागियों की रिपोर्टिंग प्रातः 6:30 बजे निर्धारित की गई है, जबकि वॉकेथॉन का शुभारंभ ठीक 7:00 बजे होगा। आकाशवाणी परिसर से शुरू होकर यह पदयात्रा नूतन चौक, सीपत चौक होते हुए मुक्तिधाम सिग्नल चौक तक जाएगी और पुनः परिसर में लौटेगी। लगभग 3.5 किलोमीटर की यह यात्रा सुबह 8:00 बजे समापन के साथ पूर्ण होगी।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि डीआईजी एवं एसएसपी रजनेश सिंह विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को स्मृति-चिन्ह स्वरूप सहभागिता पदक प्रदान किए जाएंगे, जो स्किन क्योर क्लिनिक के सौजन्य से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विरासत के साथ कदमताल
यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि 90 वर्षों के उस विश्वास का उत्सव है जिसने आकाशवाणी को जन-जन से जोड़ा है। 20 मई की सुबह, बिलासपुर सिर्फ जागेगा नहीं—अपनी विरासत के साथ कदम मिलाकर चलेगा।





