पेपर लीक ने तोड़ा भरोसा, सड़कों पर उतरे छात्र! NEET घोटाले पर बिलासपुर में गूंजा आक्रोश
भविष्य से खिलवाड़ बंद करो’, बिलासपुर से उठी तेज़ आवाज

बिलासपुर…देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बार-बार हो रहे पेपर लीक ने न सिर्फ लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फेर दिया है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भी हिला कर रख दिया है। मेहनत, सपने और उम्मीदों के सहारे भविष्य बनाने निकले छात्रों के सामने अब एक ऐसा सिस्टम खड़ा है, जिस पर भरोसा करना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है।
ऐसे माहौल में अब छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आ रहा है—और इसी आक्रोश की गूंज आज बिलासपुर में साफ सुनाई दी, जहां ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ने सड़कों पर उतरकर व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
बिलासपुर से उठी आवाज, सिस्टम पर सीधा प्रहार:
बिलासपुर में ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन की जिला कमेटी ने NEET UG पेपर लीक के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने साफ कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश की पूरी परीक्षा प्रणाली की साख पर लगा दाग है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की न्यायिक निगरानी में निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को उदाहरण प्रस्तुत करने वाली सख्त सजा दी जाए।
लगातार दूसरी बार लीक”—बड़ा सिस्टम फेल:
छात्रों ने बताया कि यह लगातार दूसरी बार है जब NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा का पेपर लीक हुआ है। राजस्थान में पेपर लीक के बाद NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द करना पड़ा और CBI जांच के आदेश देने पड़े। इससे साफ है कि देश में उच्च स्तर की परीक्षाएं भी अब सुरक्षित नहीं रह गई हैं।
70 से ज्यादा परीक्षाएं लीक”—गंभीर आरोप:
ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में 70 से अधिक परीक्षाओं में पेपर लीक, अनियमितता और हेरफेर के मामले सामने आए हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार संस्थाएं निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा आयोजित करने में विफल रही हैं।
छात्रों की मौत से बढ़ा गुस्सा:
ज्ञापन में छात्रों ने उन घटनाओं का भी जिक्र किया, जिन्होंने पूरे देश को झकझोर दिया। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर के छात्र ऋतिक मिश्रा और दिल्ली की छात्रा आकांक्षा पांडे ने पेपर लीक से उपजे तनाव के बीच अपनी जान गंवा दी। गोवा और राजस्थान में भी छात्र इस घोटाले से प्रभावित हुए हैं। संगठन का कहना है कि यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि टूटते सपनों की दर्दनाक सच्चाई है।
संगठित और प्रभावशाली नेटवर्क”—गंभीर सवाल:
छात्रों का आरोप है कि इतने बड़े स्तर पर पेपर लीक किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। अब तक 9 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें एक भाजपा नेता, दो भाजपा नेताओं के पुत्र, दो प्रोफेसर और ऐसे आरोपी शामिल हैं जो 2024 में भी पेपर लीक के मामलों में संलिप्त रहे हैं।
दोषियों को बचाया तो भरोसा खत्म
छात्रों ने साफ कहा कि अगर हर बार दोषियों को बचाया गया, तो NEET और अन्य केंद्रीय परीक्षाओं की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यह सीधे-सीधे ईमानदार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
“कोचिंग इंडस्ट्री को फायदा”—सिस्टम पर हमला:
संगठन ने यह भी कहा कि यह केंद्रीकृत और दोषपूर्ण परीक्षा प्रणाली कोचिंग उद्योग को बढ़ावा देती है, जिससे छात्रों और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक और मानसिक दबाव पड़ता है। इसे उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में चरम भ्रष्टाचार बताया।
प्रमुख मांगें:
ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ने मांग की है कि पूरे मामले की न्यायिक निगरानी में पारदर्शी जांच हो, दोषियों को उनके पद और प्रभाव की परवाह किए बिना कठोर सजा दी जाए, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और सभी राष्ट्रीय परीक्षाओं में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी मांग उठाई गई कि NEET UG और अन्य परीक्षाओं के संचालन से संबंधित एजेंसी को हटाकर परीक्षाएं सीधे सरकार द्वारा पारदर्शी तरीके से आयोजित कराई जाएं।
यह लड़ाई भविष्य की है
बिलासपुर से उठी यह आवाज अब पूरे देश के छात्रों की आवाज बनती जा रही है। यह केवल विरोध नहीं, बल्कि उस सिस्टम के खिलाफ चेतावनी है जो लगातार छात्रों के भरोसे को तोड़ रहा है। अगर अब भी सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह आक्रोश और भी बड़ा रूप ले सकता है।





