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Middle East Crisis Update- मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के बीच PM मोदी की बड़ी कूटनीति: नेतन्याहू और UAE के राष्ट्रपति से फोन पर की बात

Middle East Crisis Update: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बिगड़ते हालातों और ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोर्चा संभाल लिया है। रविवार देर रात पीएम मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर लंबी बातचीत की।

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की हत्या के बाद क्षेत्र में युद्ध की लपटें सऊदी अरब, ओमान और कुवैत तक फैल गई हैं।

इजरायल से बातचीत: “नागरिकों की सुरक्षा हो सर्वोच्च प्राथमिकता”

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने पीएम नेतन्याहू के साथ मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

  • चिंता व्यक्त की: पीएम मोदी ने हाल के घटनाक्रमों और बढ़ती हिंसा पर भारत की गहरी चिंताओं से इजरायली पीएम को अवगत कराया।

  • शांति का संदेश: भारत ने शत्रुता को जल्द से जल्द खत्म करने की जरूरत को दोहराया।

  • मानवीय दृष्टिकोण: पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि युद्ध के इस दौर में भी मासूम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

UAE के साथ एकजुटता और भारतीयों की सुरक्षा

इजरायल के बाद पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की।

  • हमलों की निंदा: पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि भारत इस मुश्किल घड़ी में यूएई के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है।

  • भारतीय समुदाय: खाड़ी देशों में लाखों भारतीय रहते हैं। पीएम मोदी ने यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वहां के राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का पुरजोर समर्थन करता है।

खाड़ी देशों तक फैला युद्ध का दायरा

मिडिल ईस्ट में रविवार की रात काफी भारी रही। ईरान ने न केवल इजरायल बल्कि कई खाड़ी देशों पर भी मिसाइलें और ड्रोन दागे:

  1. सऊदी अरब: रियाद और पूर्वी क्षेत्रों पर हुए हमलों को सऊदी ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। सऊदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वह अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किसी भी हमले के लिए नहीं होने देगा।

  2. जॉर्डन, कुवैत और कतर: इन देशों ने भी दावा किया कि उन्होंने अपने हवाई क्षेत्र में ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना किया और उन्हें मार गिराया।

  3. ओमान: लंबे समय तक वार्ताकार की भूमिका निभाने वाला ओमान भी इस बार संघर्ष की चपेट में आता दिखा।Middle East Crisis Update

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