Ex IAS Arvind Joshi Money Laundering-पूर्व IAS अधिकारी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 5 करोड़ की संपत्ति जब्त
भोपाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व IAS अरविंद जोशी और उनसे जुड़े लोगों की 5 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत जब्त किया है. जोशी पर 41 करोड़ रुपए से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का आरोप है, जिसे शेल कंपनियों और परिवार के नाम पर छिपाया गया था. यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और अवैध कमाई पर ईडी की बड़ी कार्रवाई है.

Ex IAS Arvind Joshi Money Laundering/भोपाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है. ईडी की भोपाल जोनल ऑफिस ने मध्य प्रदेश सरकार के तत्कालीन प्रमुख सचिव रहे स्वर्गीय अरविंद जोशी, IAS और उनसे जुड़े लोगों के मामले में करीब 5 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत जब्त कर लिया है.
Ex IAS Arvind Joshi Money Laundering/ईडी ने यह जांच लोकायुक्त (विशेष पुलिस स्थापना), भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. एफआईआर में आरोप है कि अरविंद जोशी और अन्य ने जुलाई 1979 से 10 दिसंबर 2010 के बीच अपनी ज्ञात आय से कहीं ज्यादा, करीब 41.87 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की. यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 13(1)(ई) और 13(2) के तहत दर्ज किया गया था.
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि अवैध कमाई को छिपाने के लिए संपत्तियां परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गईं. इतना ही नहीं, एसपी कोहली और उसके परिवार के नाम पर भी बेनामी संपत्तियां जमा की गईं.
जांच में यह भी सामने आया कि एक शेल कंपनी बनाई गई, जिसके नाम पर संपत्तियां खरीदी गईं. इस कंपनी में एसपी कोहली को मैनेजर दिखाया गया और उसे पावर ऑफ अटॉर्नी दी गई, ताकि असली मालिकाना हक छिपाया जा सके.
ईडी ने अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है. इस बार जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें भोपाल जिले में स्थित आवासीय प्लॉट, कृषि भूमि और एक चालू रिसॉर्ट शामिल है. ईडी के अनुसार ये सभी संपत्तियां अपराध से अर्जित धन से खरीदी गई थीं. ईडी का कहना है कि इडी ने यह कार्रवाई जांच के बाद की है.Ex IAS Arvind Joshi Money Laundering
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई/Ex IAS Arvind Joshi Money Laundering
इस मामले में ED पहले ही तीन प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी कर चुकी है. अब तक कुल मिलाकर करीब 8.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं.





