वृंदावन ग्रीन फ़ार्म बना जुए का अड्डा!” देर रात पुलिस का धावा, फ़ार्म मालिक समेत 8 जुआरी गिरफ़्तार, 40 लाख की जप्ती
फ़ार्म मालिक सहित 8 जुआरी गिरफ्तार, 40 लाख की जप्ती

बिलासपुर… जिले में अवैध जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइंस सीएसपी और कोटा SDOP की संयुक्त टीम ने ग्राम गतोरी स्थित वृंदावन ग्रीन फ़ार्म हाउस पर देर रात योजनाबद्ध छापा मारा। लंबे समय से मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके पर चल रहे जुए के खेल को रंगे हाथों पकड़ लिया। छापेमारी इतनी सटीक रही कि किसी भी आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला।
गिरफ्तार आरोपी:
इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में कुल 8 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें रोशन सिंह उम्र 38 वर्ष निवासी ओम नगर थाना सिविल लाइंस बिलासपुर, मुन्ना गोयल निवासी राजीव गांधी चौक थाना सिविल लाइंस, विकास सिंह निवासी दीनदयाल कॉलोनी मंगला, फ़ार्म हाउस के मालिक मनीष शर्मा उम्र 42 वर्ष निवासी विद्या नगर थाना तारबहार, नीरज शर्मा उम्र 42 वर्ष निवासी विद्या नगर थाना तारबहार, दीपक अग्रवाल उम्र 37 वर्ष निवासी रामा लाइफ सिटी सकरी, चंद्रकिशन अग्रवाल निवासी तखतपुर बिलासपुर और मयंक सोनकर उम्र 20 वर्ष निवासी नया बस स्टैंड तिफरा शामिल हैं।
जप्ती सामग्री:
पुलिस ने मौके से 3,80,000 रुपये नगद, 11 मोबाइल फोन और 5 चार पहिया वाहन जब्त किए हैं। जप्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत लगभग 40,00,000 रुपये आंकी गई है, जो इस बात का संकेत है कि यहां बड़े पैमाने पर जुए का संचालन किया जा रहा था।
पुलिस अधिकारी संजीत का बयान:
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे पुलिस अधिकारी संजीत ने बताया, “गुप्त सूचना के आधार पर हमारी टीम ने तत्काल योजना बनाकर छापा मारा। मौके पर जुआ खेलते हुए सभी आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। सभी के खिलाफ ग़ैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। आगे भी इस तरह की अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
पुलिस कप्तान रजनेश का बयान:
जिले के पुलिस कप्तान ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “बिलासपुर में जुआ और सट्टे जैसी गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी।
यह पूरी कार्रवाई बिलासपुर पुलिस की मुस्तैदी और सख्ती का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने साफ कर दिया है कि अब अवैध धंधों पर कड़ी नजर है और ऐसे मामलों में किसी को भी राहत नहीं मिलने वाली।





