बिलासपुर/तखतपुर… आमतौर पर शांत और सहज स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू शनिवार को तखतपुर में कड़े तेवर में नजर आए। केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नगर पालिका की कार्यशैली पर खुलकर नाराजगी जताई और भरी सभा में सीएमओ अमरेश सिंह से सीधे सवाल-जवाब किए।

मंत्री की नाराजगी उस समय सामने आई, जब उन्हें जानकारी मिली कि कार्यक्रम की सूचना और आमंत्रण न तो उन्हें दिया गया और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया। इस पर मंत्री ने मंच से ही सीएमओ से पूछा, “आपने हमें बुलाया क्या?” और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

निमंत्रण से शुरू नाराजगी, विकास कार्यों तक पहुंची 

कार्यक्रम के दौरान मंत्री तोखन साहू ने केवल प्रोटोकॉल की अनदेखी का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि शहर के लंबित विकास कार्यों को लेकर भी अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया।

मंत्री ने याद दिलाया कि सांसद रहते हुए उन्होंने तखतपुर में मंच निर्माण के लिए 25 लाख रुपये की स्वीकृति दी थी। जब उन्हें बताया गया कि कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है, तो उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि धन उपलब्ध होने के बावजूद काम अधूरा रहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

‘काम करना पड़ेगा, नहीं तो कार्रवाई

मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, “काम तो करना पड़ेगा, नहीं तो कार्रवाई झेलनी पड़ेगी। जब पैसा उपलब्ध होने के बाद भी काम पूरा नहीं हो रहा, तो बाकी व्यवस्थाओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। समय पर काम पूरा कराने की आदत डालिए।”

अफसरशाही पर सख्त, सियासी गलियारों में चर्चा तेज

केंद्रीय मंत्री के तीखे तेवर और अधिकारियों को दी गई सार्वजनिक चेतावनी के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कार्यक्रम का वीडियो भी तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्री की यह नाराजगी केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को लेकर एक स्पष्ट संदेश है।