शिकायत के बाद भी नहीं जागा सिस्टम… पेंडरवा में खून से सना हमला, अंकित गौराहा ने प्रशासन को घेरा
एक महिला की मौत, परिवार के 7 सदस्य घायल—एक दिन पहले थाने पहुंचे थे पीड़ित, कार्रवाई न होने पर उठे गंभीर सवाल

बिलासपुर | ग्राम पंचायत पेंडरवा में हुई हिंसक वारदात ने प्रशासनिक सतर्कता और जवाबदेही पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। एक महिला की मौत और एक ही परिवार के 7 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने अचानक घर में घुसकर परिवार पर हमला किया और छोटे बच्चों तक को नहीं बख्शा। बच्चों के कान, सिर और हाथ पर गंभीर चोटें आई हैं, जबकि सभी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है।
घटना के बाद कांग्रेस नेता अंकित गौराहा सिम्स अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार एक दिन पहले ही अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंचा था, लेकिन उस समय थाना प्रभारी वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त थे और शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार यदि समय रहते पुलिस सक्रिय होती, तो एक महिला की जान बच सकती थी और इतने लोग घायल नहीं होते।
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर पहलू यही सामने आया है कि पूर्व शिकायत के बावजूद सुरक्षा नहीं मिल पाई, जिससे थाना स्तर की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं इतनी बड़ी घटना के बाद भी अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी पर वैधानिक कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की कार्यशैली पर और संदेह पैदा कर रहा है। पेंडरवा में इस घटना के बाद माहौल भय और आक्रोश से भरा हैl





