दुर्ग /छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति को देखते हुए राजस्व वसूली अभियान में तेजी ला दी है। निगम प्रशासन ने करदाताओं की सुविधा के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए अवकाश के दिनों (शनिवार और रविवार) में भी टैक्स काउंटर खुले रखने का ऐलान किया है।

मार्च का महीना टैक्स अदायगी के लिए अंतिम अवसर होता है, ऐसे में नागरिकों को लंबी कतारों और कार्यदिवसों की भागदौड़ से बचाने के लिए निगम के मुख्य कार्यालय सहित सभी जोन कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक विशेष काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि 31 मार्च 2026 से पहले टैक्स जमा करने पर नागरिकों को किसी भी प्रकार का अतिरिक्त अधिभार या जुर्माना नहीं देना होगा।

निगम प्रशासन ने इस बार कर वसूली को सुलभ बनाने के लिए ‘डोर-टू-डोर’ अभियान भी शुरू किया है। सहायक राजस्व निरीक्षक अब सीधे वार्डों में घर-घर पहुंचकर नागरिकों को समय पर टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। नगर निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घर या दुकान पर आने वाले अधिकृत राजस्व निरीक्षकों पर विश्वास कर उन्हें टैक्स की राशि सौंप सकते हैं और मौके पर ही रसीद प्राप्त कर सकते हैं।

यह पहल उन बुजुर्गों और कामकाजी लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है जो कार्यालय तक आने में असमर्थ हैं।

निगम क्षेत्र के सभी भवन एवं भूमि स्वामियों को सूचित किया गया है कि वे अपना संपत्तिकर, यूजर चार्ज, जलकर, भू-भाटक और दुकान किराया 31 मार्च से पहले अनिवार्य रूप से जमा कर दें।

समय सीमा के भीतर भुगतान करने से न केवल नागरिक भारी जुर्माने से बचेंगे, बल्कि वे निगम के जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य भी निभाएंगे। जो लोग पुराने बकाया करों का भुगतान करना चाहते हैं, उनके लिए भी यह अंतिम अवसर है कि वे अधिभार से बचते हुए अपने खातों का मिलान कर लें।

डिजिटल इंडिया के दौर में नगर निगम दुर्ग ने ऑनलाइन भुगतान की सुविधा को भी सशक्त बनाया है। करदाता निगम द्वारा जारी आधिकारिक लिंक के माध्यम से घर बैठे ही अपने मोबाइल या कंप्यूटर से टैक्स का भुगतान कर सकते हैं। आयुक्त सुमित अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि समय पर प्राप्त होने वाला राजस्व ही शहर के विकास कार्यों, जैसे सड़कों का निर्माण, सफाई व्यवस्था और बेहतर पेयजल आपूर्ति के लिए आधार बनता है। अतः नागरिक 31 मार्च की अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए जल्द से जल्द अपने करों का निपटान करें और अतिरिक्त वित्तीय भार से बचें।