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Bilaspur

रात्रि को औचक थाना पहुँचे SSP रजनेश.. प्रभारियों को किया अलर्ट?..जवाबदेही से बचना नामुमकिन

बिलासपुर…शहर की कानून व्यवस्था को बेहतर किए जाने के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने मंगलवार देर शाम सिविल लाइन थाने का औचक निरीक्षण किया… औचक निरीक्षण की जानकारी मिलते ही पुलिस महक  में हलचल  मच गई। आनन-फानन में थाना स्टाफ ने व्यवस्थाओं को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन एसएसपी की पैनी नजरों से कुछ भी नहीें छिप नही सका।

निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने थाना परिसर, रजिस्टर, विवेचना रिकॉर्ड और केस डायरी का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी भी अपराधिक  प्रकरण विवेचना का पूरा काम अधिकतम 60 के भीतर पूर्ण होना चाहिए। बाद इसके यदि प्रकरण लंबित होना पाया जाता है तो तो विचना अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी ।

ई-साक्ष्य, समन, लंबित प्रकरणों पर नाराज़गी

निरीक्षण  दौरान रजनेश सिंह ने नवीन आपराधिक कानूनों के अंतर्गत ई-साक्ष्य, समन तामील और लंबित मामलों की जानकारी ली । उन्होंने थाना स्टाफ से ई-साक्ष्य की अपलोडिंग को लेकर सवाल जवाब किया… उन्होंने नाराजगी भी जाहिर किया कि बार बार निर्देश के बाद भी।विवेचक अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहे हैं..और लंबित प्रकरणों की संख्या दिन दिन बढ़ती जा रही है.. इसकी मुख्य वजह टालने वाली मानसिकता है… इस प्रकार की मानसिकता को बिलल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एसएसपी ने विवेचकों को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रकरणों का समय पर निराकरण नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद होते है। जनता में पुलिस के प्रति विश्वास भी कम होता है।और समाज में आक्रोश नज़र आने लगता है। पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह न केवल अपराधियों की पहचान करे, बल्कि उन्हें उचित दंड दिलवाए।

विवेचकों को मार्गदर्शन और तकनीकी सुझाव

निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने न केवल स्टाफ को फटकार लगाई, बल्कि विवेचना के व्यावहारिक और तकनीकी गुर भी सिखाए। उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान आने वाली बाधाओं को कैसे दूर किया जाए । विवेचक को प्रतिदिन अपराधों की जांच पर  किस तरह फोकस रखना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि विवेशकों को किसी के प्रभाव में आने की ज़रुरत नही हैं। उसका काम सच को सामने लाना है । पुलिस विभाग पूरी तरह से अपने ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ खड़ा है। अच्छा कार्य करने वालों को सम्मान मिलेगा और लापरवाही बरतने वालों को दंड।

थानों में मचा हड़कंप, अन्य थाने भी हुए सतर्क

एसएसपी  रजनेश सिंह के सिविल लाइन थाना आकस्मिक निरीक्षण की जानकारी मिलते ही शहर के अन्य थानों में  हलचल देखने को मिली। कई जगहों पर रिकॉर्ड और विवेचना फाइलों की दोबारा समीक्षा शुरू हो गई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में एसएसपी किसी भी थाना या चौकी में दोबारा औचक निरीक्षण कर सकते हैं।

निरीक्षण के अंत में एसएसपी ने स्टाफ को निर्देश देते हुए कहा,

“मैं किसी भी समय दोबारा निरीक्षण के लिए पहुंच सकता हूं। इस बार जैसी लापरवाही दोबारा मिली तो कार्रवाई तय है।”

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।
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