जंगल कटे, ट्रक पकड़ा गया — खैर तस्करी का अंतर्राज्यीय खेल उजागर
रायगढ़ से चांपा तक वन अमले की सीधी कार्रवाई

रायगढ़…खैर लकड़ी की अवैध कटाई लंबे समय से जंगलों को खोखला कर रही थी। 16 फरवरी को मिली एक पुख्ता सूचना ने पूरे खेल की दिशा बदल दी। सूचना मिलते ही वन अमला हरकत में आया। रणनीति बनी। टीम निकली। और चंद्रपुर मार्ग पर लकड़ी से भरा ट्रक सामने आ गया।
ट्रक क्रमांक CG-06 2022 को रोकते ही तस्वीर साफ हो गई। वाहन में खैर की लकड़ी भरी थी। चालक बच निकलने की कोशिश में था, लेकिन घेरे में आ गया। पूछताछ शुरू हुई तो मामला केवल एक खेप तक सीमित नहीं रहा।
जांच में सामने आया कि गिरोह आसपास के जंगलों से खैर कटवाता था। लकड़ी पहले सहसपुरी में जमा होती। वहां से इसे चांपा के एक गुप्त ठिकाने तक पहुंचाया जाता। देर रात अकलतरा भांटा इलाके में दबिश पड़ी। वहां भी खैर की बड़ी मात्रा मिली।
तस्वीर अब और बड़ी दिख रही है। रायगढ़ और चांपा इस नेटवर्क के बीच के पड़ाव थे। असली बाजार राज्य की सीमाओं के बाहर था। लकड़ी ऊंचे दाम पर पंजाब और हरियाणा तक पहुंचाई जाती थी। यानी जंगल यहां कटते, मुनाफा बाहर बनता।
पूरी कार्रवाई में वन अमले ने सीधी और तेज रणनीति अपनाई। टीम ने मौके पर नियंत्रण लिया और नेटवर्क की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। अब आगे की जांच इस तस्करी के पूरे फैलाव को सामने लाने पर केंद्रित है।
वन विभाग ने साफ संकेत दिया है कि अवैध कटाई और तस्करी पर लगातार नजर रहेगी। साथ ही लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा करें।





