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Bilaspur

साहब… थाने-थाने भटक गए, आज पहली बार किसी ने पूरी बात सुनी” — बिलासपुर पुलिस का ऐसा शिविर, जहां कुर्सियों से ज्यादा भरोसा दिखा

बिलासपुर…बिलासगुड़ी चेतना भवन शुक्रवार को किसी सरकारी दफ्तर से ज्यादा उन कहानियों का अड्डा बना दिखा, जो महीनों से थानों, फाइलों और इंतजार के बीच दबकर रह गई थीं। कोई जमीन विवाद लेकर पहुंचा था, कोई साइबर ठगी में जमा पूंजी गंवाने के बाद उम्मीद लेकर आया था, तो कोई पारिवारिक कलह से टूटकर पुलिस से राहत चाहता था।

भीड़ में कई चेहरे ऐसे थे, जिनकी शिकायत सिर्फ कागज नहीं थी… वह थकान थी, नाराजगी थी और कहीं न कहीं सिस्टम से टूटा भरोसा भी था। लेकिन इस बार माहौल अलग था। मंच पर सिर्फ अधिकारी नहीं बैठे थे, बल्कि फरियादियों की बात सीधे सुनने के लिए खुद पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह मौजूद थे।

बिलासपुर पुलिस द्वारा आयोजित वृहद शिकायत निवारण शिविर में एक दिन में 60 शिकायतें पहुंचीं और खास बात यह रही कि ज्यादातर मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। जैसे-जैसे फरियादी अपनी बात रखते गए, वैसे-वैसे संबंधित थाना प्रभारियों को तत्काल निर्देश भी मिलते गए। कई लोग बाहर निकलते वक्त यही कहते सुनाई दिए — “आज पहली बार लगा कि सुनवाई सच में हुई है।”

शिविर में सबसे ज्यादा शिकायतें जमीन विवाद, लेन-देन में धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड और पारिवारिक मामलों से जुड़ी रहीं। कई शिकायतें ऐसी भी थीं जो महीनों से अलग-अलग थानों के बीच घूम रही थीं। लेकिन इस बार फाइलें टेबल पर कम और बातचीत ज्यादा दिखी।

एसएसपी रजनेश सिंह ने साफ कहा कि शिकायत निवारण शिविर का मकसद सिर्फ आवेदन लेना नहीं, बल्कि लोगों को त्वरित राहत देना है। उन्होंने कहा कि पुलिस चाहती है कि आम आदमी को अपनी समस्या लेकर बार-बार थाने के चक्कर न काटने पड़ें। “जनता की सेवा ही पुलिस का पहला धर्म है” — यह बात उन्होंने सिर्फ कही नहीं, बल्कि पूरे शिविर में उसका असर भी दिखाई दिया।

शिविर में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, एसडीओपी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईयूसीएडब्ल्यू रश्मित कौर चावला, सीएसपी कोतवाली, सीएसपी सिविल लाइन और डीएसपी आजाक सहित पूरा पुलिस अमला शिकायतों के त्वरित निराकरण में जुटा रहा।

दिन खत्म होते-होते चेतना भवन का माहौल बदला हुआ था। सुबह जो लोग शिकायत लेकर आए थे, उनमें से कई शाम तक राहत और उम्मीद लेकर लौटे।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।कॉलेज लाइफ के दौरान से पत्रकारिता से गहरा जुड़ाव हुआ।इसी दौरान दैनिक समय से जुडने का अवसर मिला।कहानी,कविता में विशेष दिलचस्पी ने पहले तो अधकचरा पत्रकार बनाया बाद में प्रदेश के वरिष्ठ और प्रणम्य लोगों के मार्गदर्शन में संपूर्ण पत्रकारिता की शिक्षा मिली। बिलासपुर में डिग्री लेने के दौरान दैनिक भास्कर से जु़ड़ा।2005-08 मे दैनिक हरिभूमि में उप संपादकीय कार्य किया।टूडे न्यूज,देशबन्धु और नवभारत के लिए रिपोर्टिंग की।2008- 11 के बीच ईटीवी हैदराबाद में संपादकीय कार्य को अंजाम दिया।भाग दौड़ के दौरान अन्य चैनलों से भी जुडने का अवसर मिला।2011-13 मे बिलासपुर के स्थानीय चैनल ग्रैण्ड न्यूज में संपादन का कार्य किया।2013 से 15 तक राष्ट्रीय न्यूज एक्सप्रेस चैनल में बिलासपुर संभाग व्यूरो चीफ के जिम्मेदारियों को निभाया। 1998-2000 के बीच आकाशवाणी में एनाउँसर-कम-कम्पियर का काम किया।वर्तमान में www.cgwall.com वेबपोर्टल में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

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