महुआ माफिया पर पुलिस कप्तान का सीधा वार, 225 लीटर शराब जब्त
महुआ के अड्डे पर पुलिस की रेड, महिला कोचिया सलाखों के पीछे

बिलासपुर…नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही अवैध नशे के कारोबारियों पर पुलिस कप्तान रजनेश सिंह का सख्त रुख जमीन पर उतरता दिख रहा है। इसी क्रम में रतनपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 225 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त कर महिला कोचिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई न सिर्फ मात्रा के लिहाज से बड़ी है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा जिले में अपराध और नशे के अवैध कारोबार पर कठोर अंकुश लगाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उनके निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अर्चना झा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कोटा नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में रतनपुर थाना क्षेत्र में लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
मुखबिर की सूचना पर गांव में दबिश
11 जनवरी 2026 को रतनपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम जाली निवासी रामलल्ली मरकाम अपने घर के आंगन में भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब बिक्री के लिए संग्रहित कर रखी है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी।
घर से शराब, तालाब किनारे से पास नष्ट
छापेमारी के दौरान आरोपी महिला के घर के आंगन से 225 लीटर कच्ची महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत 45 हजार रुपये है, जब्त की गई। इसके अलावा आरोपी की निशानदेही पर तालाब किनारे रखे गए 20–25 डिब्बों में भरे पास को मौके पर ही नष्ट किया गया। वहीं, शराब निर्माण के लिए रखे गए करीब 120 खाली प्लास्टिक डिब्बों को भी नष्ट कर दिया गया।
आबकारी एक्ट में केस, न्यायिक रिमांड
गिरफ्तार आरोपी रामलल्ली मरकाम पति जितेन्द्र मरकाम, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम जाली, थाना रतनपुर के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत विधिवत कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
कप्तान—नशे के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस
कार्रवाई के जरिए पुलिस कप्तान रजनेश सिंह ने साफ संकेत दिया है कि जिले में नशे का अवैध कारोबार करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं है। चाहे आरोपी पुरुष हो या महिला, कानून का शिकंजा बराबरी से कसा जाएगा।
टीम की अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक नरेश गर्ग, प्रधान आरक्षक बलदेव सिंह, आरक्षक दिनेश कांत, देवानंद, आकाश डोंगरे और महिला आरक्षक अनिषा कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




