आईजी के निर्देश, एसपी की कमान में चला ऑपरेशन— वाहन चोर गिरोह ध्वस्त
संयुक्त कार्रवाई, ट्रैक्टर समेत आठ वाहन बरामद, चार आरोपी गिरफ्तार

मुंगेली…जिले में लगातार सामने आ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर मुंगेली पुलिस ने संगठित और समन्वित कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के विशेष निर्देश और सतत मॉनिटरिंग में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया, जिसमें अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों को जोड़ते हुए बड़ी सफलता हासिल की गई।
आईजी के निर्देश, जिला स्तर पर ठोस रणनीति
वाहन चोरी को गंभीर संपत्ति अपराध मानते हुए आईजी स्तर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि केवल अपराध पंजीकरण तक सीमित न रहते हुए संगठित गिरोह की पहचान, गिरफ्तारी और शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित की जाए। इन्हीं निर्देशों के तहत एसपी ने जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने और चोरी की घटनाओं की कड़ियों को जोड़कर जांच करने के निर्देश दिए।
इस अभियान का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक तिवारी के समन्वय में किया गया। उप पुलिस अधीक्षक डीएसपी हरविंदर सिंह ने पूरे ऑपरेशन की फील्ड-लेवल मॉनिटरिंग करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों की टीमों के बीच समन्वय स्थापित किया, जिससे कार्रवाई को एकीकृत दिशा और गति मिली।
ट्रैक्टर चोरी से खुली गिरोह की परतें
थाना लोरमी क्षेत्र में दर्ज ट्रैक्टर चोरी के प्रकरण को आधार बनाकर जब जांच आगे बढ़ी, तो प्रारंभिक तथ्यों से ही यह संकेत मिलने लगा कि मामला किसी एक घटना तक सीमित नहीं है। इसके बाद प्रकरण को विस्तृत जांच के दायरे में लाते हुए सायबर सेल को भी जोड़ा गया।
डीएसपी के फील्ड सुपरविजन में तेज़ हुई कार्रवाई
जांच के दौरान डीएसपी हरविंदर सिंह के सुपरविजन में थाना लोरमी, सिटी कोतवाली और फास्टरपुर पुलिस के बीच तालमेल बनाकर संदिग्धों की पहचान, तकनीकी विश्लेषण और दबिश की रणनीति तय की गई। इससे चोरी की घटनाओं की आपसी कड़ियां स्पष्ट रूप से सामने आने लगीं।
सायबर इनपुट से आरोपियों तक पहुंच
सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रसाद सिन्हा के नेतृत्व में तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर ग्राम हरदीडीह निवासी एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले मोटरसाइकिल चोरी और बाद में बड़े वाहनों की चोरी की बात स्वीकार की।
मेले और भीड़भाड़ वाले इलाके बने निशाना
पूछताछ में यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपियों ने मुंगेली व्यापार मेला, बघमार मेला सहित अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से कुल सात मोटरसाइकिलें चोरी की थीं। चोरी के बाद वाहनों को अलग-अलग गांवों में छिपाकर रखा गया था।
संयुक्त कार्रवाई में बड़ी बरामदगी
सूचना की पुष्टि होते ही डीएसपी हरविंदर सिंह के निर्देशन में थाना लोरमी, सिटी कोतवाली और फास्टरपुर पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गईं। अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर एक ट्रैक्टर इंजन, सात चोरी की मोटरसाइकिलें तथा घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल को विधिवत जब्त किया गया। जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग चार लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया
मामले में चार आरोपियों—देवप्रसाद बर्मन, दिलेश सप्रे, पवन जगत और मनीष साहू—को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध वैधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। संबंधित थाना क्षेत्रों में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
सशक्त एप से जांच को मिली तकनीकी मजबूती
जांच के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के मामलों को जोड़ने में छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘सशक्त एप’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे चोरी गए वाहनों का त्वरित डेटा मिलान संभव हो सका।
एसपी का स्पष्ट और सख्त निर्देश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल ने कार्रवाई को लेकर कहा कि जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों के प्रति मुंगेली पुलिस की नीति पूरी तरह स्पष्ट है। चोरी की घटनाओं को अलग-अलग मामलों के रूप में नहीं, बल्कि संगठित अपराध के तौर पर चिन्हित कर उन पर निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि वाहन चोरी करने वाले गिरोहों की पहचान कर उनकी पूरी चेन तोड़ना प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एसपी भोजराम पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के निर्देशों के अनुरूप जिले के सभी थाना क्षेत्रों में आपसी समन्वय, तकनीकी संसाधनों के उपयोग और फील्ड-लेवल मॉनिटरिंग के जरिए कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। आगे भी ऐसे अपराधों में शामिल तत्वों के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस टीम की भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में डीएसपी हरविंदर सिंह के फील्ड निर्देशन में सायबर सेल, थाना लोरमी, सिटी कोतवाली और फास्टरपुर पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में निरीक्षक प्रसाद सिन्हा, निरीक्षक अखिलेश वैष्णव, निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, उपनिरीक्षक सुंदर लाल गोरले, प्रधान आरक्षक नरेश यादव सहित नोखेलाल कुर्रे, यशवंत डाहिरे, लिलकराम साहू, भेषज पाण्डेकर, हेमसिंह ठाकुर, राकेश बंजारे, राम कश्यप, गिरीराज सिंह, रवि मिन्ज, रवि डाहिरे, राहुल यादव, राजू साहू और दिलेश्वर साहू शामिल रहे।
पुलिस की अपील
मुंगेली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तत्काल नजदीकी थाना या चौकी को दें तथा अपने घर और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें।





