बिलासपुर… सरकारी कामकाज में पारदर्शिता ऐसी होनी चाहिए कि किसी जानकारी को छिपाने की जरूरत ही न पड़े। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में सूचना का अधिकार आरटीआई पोर्टल पर आयोजित जिला स्तरीय प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को यह बात कही।

प्रशिक्षण में जिले के जनसूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों को पोर्टल पर पंजीयन और उसके उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई। तकनीकी अधिकारियों ने पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया।

कलेक्टर अग्रवाल ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम केवल आवेदनों के निराकरण तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों को ध्यान से पढ़कर उनकी मंशा के अनुरूप काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सूचना की उपलब्धता से नागरिक सशक्त होते हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है।

उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी के अभाव में दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए कानून को केवल सूचना देने वाले अधिकारी के नजरिये से नहीं, बल्कि जानकारी मांगने वाले नागरिक के दृष्टिकोण से भी समझना जरूरी है। इससे अधिनियम के उद्देश्य और उसके प्रावधानों को बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।

प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर डॉ. ज्योति पटेल, डिप्टी कलेक्टर सालिकराम गुप्ता सहित जिले के जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी उपस्थित रहे।