
अंबिकापुर ..अंबिकापुर का होली क्रॉस वूमेन कॉलेज राष्ट्रीय विवादों के केंद्र में आ गया है। कॉलेज के आधिकारिक फेसबुक पेज पर प्रकाशित भारत का एक विकृत भारत नक्शा ने बवाल मचा दिया है।, जिसमें अक्साई चिन और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं दिखाया गया है। विकृत नक्शा ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तूफ़ान खड़ा कर दिया है। यह मामला अब केवल “प्रशासनिक चूक” नहीं रह गया, बल्कि राष्ट्रीय अखंडता और कानून की कसौटी बन गया है।
पुरानी गलती और नई सक्रियता
सूत्रों के अनुसार यह नक्शा लगभग 19 महीने तक पेज पर मौजूद रहा। हाल ही में नई तस्वीरें अपलोड होने पर यह नक्शा फिर सामने आया और विवाद फट पड़ा। भाजपा नेता कैलाश मिश्रा ने इसे देशद्रोह करार देते हुए FIR दर्ज करने की मांग की है। पुलिस प्रशासन ने तुरंत सक्रियता दिखाई और प्राचार्य शांता जोसेफ़ के खिलाफ देशद्रोह और IT अधिनियम के तहत जांच शुरू कर दी।
राष्ट्रीय उदाहरण: नक्शे पर सख्ती
देशभर में पिछले वर्षों में कई बार इसी प्रकार के विवाद सामने आए हैं। महाराष्ट्र जनवरी 2025, कर्नाटक दिसंबर 2024, केरल जुलाई 2025 और ट्विटर 2021 पर नक्शे में PoK या अक्साई चिन को भारत से अलग दिखाने पर तत्काल कार्रवाई हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का नक्शा केवल भूगोल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता, संप्रभुता और स्वाभिमान का प्रतीक है।
जनता की निगाहें: कार्रवाई कब होगी?
अंबिकापुर का यह विवाद अब साधारण फेसबुक गलती नहीं रहा। मामला राष्ट्रीय अखंडता और कानून का बन चुका है। सवाल यह है कि—क्या प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, या मामला भी पूर्ववर्ती उदाहरणों की तरह दबा दिया जाएगा। स्पष्ट है कि भारत का नक्शा राष्ट्र की अस्मिता है, छेड़छाड़ देशद्रोह से कम नहीं।





