बिलासपुर।छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने विभागीय जांच प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनपालन को आधार बनाते हुए पटवारी विजय कुमार ठाकुर की सेवा से बर्खास्तगी का आदेश निरस्त कर दिया है।

जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की एकलपीठ ने राजनांदगांव कलेक्टर के अपीलीय आदेश को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को सेवा में बहाल करने तथा नियमानुसार समस्त एरियर व सेवा लाभ प्रदान करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।

ये खबर भी पढ़ें…
कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर बतौली की छात्राओं की पैदल मार्च की घटित घटना के जांच के लिए समिति गठित
कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर बतौली की छात्राओं की पैदल मार्च की घटित घटना के जांच के लिए समिति गठित
अम्बिकापुर/ कन्या एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शिवपुर, विकासखण्ड बतौली की छात्राओं द्वारा 07 सितम्बर 2026 को आयोजित पैदल मार्च की...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

याचिकाकर्ता विजय कुमार ठाकुर को 4 जनवरी 2007 को राजनांदगांव कलेक्टर द्वारा पटवारी के पद पर नियुक्त कर खैरागढ़ तहसील में पदस्थ किया गया था।

वर्ष 2015 में उन पर पंचायत चुनाव संबंधी कार्यों में ढिलाई बरतने, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने और 27 जनवरी 2015 को बिना पूर्व अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इसके पश्चात निलंबन की कार्रवाई करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मोहला ने 13 मार्च 2015 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

ये खबर भी पढ़ें…
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी 240 ई-बसें
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी 240 ई-बसें
रायपुर/ शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क,...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

विभागीय जांच में नहीं मिला बचाव का मौका

बर्खास्तगी आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता ने कलेक्टर के समक्ष प्रथम अपील दायर कर तर्क दिया था कि एसडीओ (राजस्व) उनके नियुक्ति प्राधिकारी नहीं थे।

ये खबर भी पढ़ें…
शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल,कई जिला शिक्षा अधिकारियों की पदस्थापना, देखिए पूरी लिस्ट 
शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल,कई जिला शिक्षा अधिकारियों की पदस्थापना, देखिए पूरी लिस्ट 
रायपुर ।स्कूल शिक्षा विभाग में  ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए जिला शिक्षा अधिकारियों सहित कई प्राचार्यों और शिक्षा विभाग...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

इसलिए वे बर्खास्तगी का आदेश जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकारी नहीं थे। इसके अतिरिक्त, विभागीय जांच के दौरान उन्हें जरूरी दस्तावेज और जांच रिपोर्ट (Inquiry Report) की प्रति तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे वे अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख सके। हालांकि, कलेक्टर ने 13 अक्टूबर 2015 को और तत्पश्चात संभागीय आयुक्त ने 25 मई 2017 को इस अपील को खारिज कर दिया था।

अनुच्छेद 311(2) और प्राकृतिक न्याय का हुआ उल्लंघन

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जांच रिकॉर्ड का बारीकी से परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि जब किसी कर्मचारी के खिलाफ नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाती है, तो निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का शत-प्रतिशत पालन करना अनिवार्य होता है।

अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जांच के दौरान प्रशासनिक निर्देशों का सहारा लेकर तय नियम-कायदों को दरकिनार नहीं किया जा सकता। याचिकाकर्ता को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत न करना और बचाव का अवसर न देना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2) के तहत प्राप्त संरक्षण और प्राकृतिक न्याय के सर्वमान्य सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है।