छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक शिक्षिका के तबादला आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उसके क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी है।

न्यायालय ने यह आदेश तब दिया जब यह तथ्य सामने आया कि स्थानांतरण आदेश में ‘म्यूचुअल ट्रांसफर’ (पारस्परिक स्थानांतरण) का उल्लेख किया गया था, जबकि याचिकाकर्ता शिक्षिका ने इसके लिए न तो कोई आवेदन दिया था और न ही अपनी सहमति दी थी। न्यायमूर्ति बीडी गुरु की एकल पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए शिक्षिका को उनके वर्तमान पदस्थापना स्थल पर ही कार्य जारी रखने की अनुमति दी है।

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यह पूरा मामला शिक्षिका राजकुमारी सोनी से जुड़ा है, जो वर्तमान में कोरबा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पीडब्ल्यूडी रामपुर में पदस्थ हैं। उनके अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश शुक्ला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि 25 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी कर उनका तबादला-सह-प्रतिनियुक्ति स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, चैतमा (पाली विकासखंड) कर दिया गया था।

याचिका में इस बात पर जोर दिया गया कि राजकुमारी सोनी को वर्तमान पदस्थापना दिसंबर 2025 में ही मिली थी, जो 2012 और 2024 से संबंधित लंबी न्यायिक कार्यवाही का परिणाम थी। महज आठ महीने के भीतर ही उनका दोबारा स्थानांतरण कर देना न केवल स्थानांतरण नीति के विपरीत है, बल्कि तथ्यों के साथ छेड़छाड़ भी है।

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सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि विभाग द्वारा जारी तबादला आदेश में स्थानांतरण का आधार ‘म्यूचुअल ट्रांसफर’ बताया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि जब शिक्षिका ने कभी किसी के साथ पारस्परिक स्थानांतरण का आवेदन ही नहीं दिया, तो आदेश में इस आधार को दर्ज करना ही पूरी तरह से विवादित और संदिग्ध है।

कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद दस्तावेजों का अवलोकन किया और पाया कि शिक्षिका को दिसंबर 2025 में वर्तमान स्थल पर नियुक्ति मिली थी और इतनी जल्दी बिना सहमति के उनका तबादला करना प्रथम दृष्टया अनुचित है।

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हाईकोर्ट ने 25 अगस्त 2026 के स्थानांतरण आदेश के प्रभाव और संचालन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।

राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता गैरी मुखोपाध्याय ने नोटिस स्वीकार करते हुए मामले में जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा है। अब इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है, तब तक शिक्षिका अपने वर्तमान स्कूल में ही सेवाएं देती रहेंगी।