बिलासपुर…नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. संगीता ने शुक्रवार को बिलासपुर के अपने पहले दौरे में साफ संकेत दे दिए कि अब शहरों की व्यवस्था सिर्फ फाइलों में नहीं, जमीन पर परखी जाएगी। सुबह कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में लंबी समीक्षा बैठक और दोपहर से शाम तक शहर के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स के निरीक्षण के दौरान सचिव का पूरा फोकस राजस्व, स्वच्छता, अधूरे निर्माण कार्य और योजनाओं की वास्तविक प्रगति पर रहा।

तारबाहर स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव ने नगर निगम और नगरीय निकायों के अधिकारियों से सीधे सवाल किए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी निकाय की असली ताकत उसका राजस्व होता है और वसूली को अब प्राथमिकता में रखना होगा। पिछले वित्तीय वर्ष की करीब 15 करोड़ रुपए की बकाया राशि वसूलने के लिए दिसंबर 2026 तक की समय सीमा तय करते हुए उन्होंने अधिकारियों को परिणाम देने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान सचिव ने टेंडर प्रक्रिया में हो रही देरी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में सबसे ज्यादा नुकसान अनावश्यक प्रशासनिक सुस्ती से होता है। टेंडर जारी होने के बाद समय सीमा खत्म होते ही अनुबंध प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराया जाए ताकि परियोजनाएं वर्षों तक अधूरी न लटकें। निर्माणाधीन और अधूरे कार्यों को तय समय में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का असर तभी दिखेगा जब उनका लाभ समय पर लोगों तक पहुंचे।

सचिव आर. संगीता ने पीएम ई-बस सेवा को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली और कोनी में बन रहे चार्जिंग स्टेशन तथा बस डिपो को एक महीने के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए। मधुबन स्थित एजुकेशन हब के तहत बन रहे नालंदा परिसर और एकेडमिक ब्लॉक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ भवन निर्माण नहीं, आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रोजेक्ट है।

पीएम आवास योजना के बीएलसी घटक में अधूरे और अप्रारंभ मकानों पर भी सचिव ने चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हितग्राहियों के बीच जाकर संवाद करें और उन्हें निर्माण कार्य शुरू करने के लिए प्रेरित करें। वार्ड नोडल अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने साफ कहा कि हर वार्ड को आदर्श वार्ड बनाने की दिशा में काम होना चाहिए, जहां सड़क, पानी, बिजली और सफाई की व्यवस्था बेहतर दिखाई दे। उत्कृष्ट काम करने वाले वार्ड और अधिकारियों को सम्मानित करने की बात भी उन्होंने कही।

समीक्षा बैठक के बाद सचिव का दौरा सीधे मैदान में उतर गया। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से लेकर कोनी के चार्जिंग स्टेशन, आकांक्षी शौचालय, कछार स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, बिरकोना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और खमतराई के पीएम आवास तक उन्होंने एक-एक व्यवस्था को करीब से देखा। कछार प्लांट में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहर का कोई भी घर कचरा संग्रहण से बाहर नहीं रहना चाहिए और लोगों को भी स्वच्छता के लिए जागरूक करना होगा।

मोपका गौठान स्थित एसआरएलएम सेंटर में स्वच्छता दीदियों से संवाद के दौरान सचिव का अलग ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने महिलाओं से कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को जनआंदोलन बनाने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। गीला और सूखा कचरा अलग कराने, हर घर से कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने और लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी को उन्होंने “स्वच्छता क्रांति” का नाम दिया।

दौरे के दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे, सूडा सीईओ शशांक पाण्डेय समेत निगम और नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे। सचिव के इस दौरे ने साफ कर दिया कि आने वाले महीनों में बिलासपुर में काम की रफ्तार, स्वच्छता और जवाबदेही को लेकर प्रशासनिक सख्ती और बढ़ने वाली है।