अनुभवी व्याख्याता सुशील नारायण शर्मा ने जनगणना ड्यूटी के लिए स्वयं किया आवेदन, बनी मिसाल

राजनांदगाँव। आगामी जनगणना को लेकर जहां प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो रही हैं, वहीं जिले के एक अनुभवी शिक्षक ने अपने कर्तव्यनिष्ठ रवैये से प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सुरगी में पदस्थ व्याख्याता श्री सुशील नारायण शर्मा ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को आवेदन प्रस्तुत कर जनगणना कार्य में अपनी ड्यूटी लगाने का आग्रह किया है।
अपने आवेदन में श्री शर्मा ने उल्लेख किया है कि वे 6 फरवरी 1995 से निरंतर शिक्षण कार्य में संलग्न हैं तथा उन्हें लगभग 31 वर्षों का समृद्ध अनुभव प्राप्त है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान भी उनकी ड्यूटी विकासखंड छुईखदान में लगाई गई थी, जिसे उन्होंने पूरी जिम्मेदारी, निष्ठा और ईमानदारी के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया था।
श्री शर्मा ने प्रशासन से निवेदन किया है कि आगामी जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में उनकी ड्यूटी सुपरवाइजर पद पर लगाई जाए, ताकि वे अपने लंबे अनुभव का उपयोग करते हुए कार्य को प्रभावी ढंग से संपन्न कर सकें।
गौरतलब है कि जहां एक ओर कई लोग चुनाव और जनगणना जैसे राष्ट्रीय दायित्वों से बचने के लिए अपनी ड्यूटी कटवाने का प्रयास करते हैं, वहीं श्री सुशील नारायण शर्मा जैसे कर्मठ शिक्षक स्वेच्छा से आगे आकर जिम्मेदारी निभाने की इच्छा जता रहे हैं।उनका यह कदम न केवल प्रशासन के लिए सहायक सिद्ध होगा, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देता है।
करीब तीन दशकों से अधिक समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय श्री शर्मा ने जिले के विभिन्न विकासखंडों में अपनी सेवाएं देकर शिक्षा का अलख जगाया है। उनका समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।





