31 मार्च डेडलाइन से पहले बड़ा एक्शन: सुकमा में 5 लाख का इनामी नक्सली ढेर, DRG की सटीक मार
पोलमपल्ली के जंगलों में मुठभेड़; सेक्शन कमांडर मूचाकी कैलाश मारा गया, सर्च ऑपरेशन जारी

सुकमा….नक्सलवाद के खात्मे की तय समयसीमा से ठीक पहले सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता दर्ज की है। पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के जंगल-पहाड़ी इलाके में डीआरजी जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 5 लाख रुपये का इनामी नक्सली मूचाकी कैलाश मारा गया। इस कार्रवाई को बस्तर में चल रहे एंटी-नक्सल अभियान के लिए अहम माना जा रहा है।
इंटेलिजेंस इनपुट पर चला ऑपरेशन
माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद डीआरजी टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जंगल के भीतर आगे बढ़ते ही जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हुआ, जिसके बाद दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हुई। दबाव बढ़ते ही नक्सली पीछे हटे और सर्चिंग के दौरान मूचाकी कैलाश का शव और हथियार बरामद किया गया।
संगठन का सक्रिय कमांडर था कैलाश
मारा गया नक्सली मूचाकी कैलाश चिंतलनार थाना क्षेत्र के पूलनपाड़ गांव का निवासी था और माओवादी संगठन में प्लाटून नंबर 31 का सेक्शन कमांडर (PPCM) था। उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में शामिल था।
कई वारदातों में रहा शामिल
मूचाकी कैलाश पर ग्रामीणों की हत्या, सुरक्षा बलों पर हमले और आईईडी ब्लास्ट की साजिश जैसे कई गंभीर आरोप थे। सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में लगातार अभियान चला रही थीं, जो इस मुठभेड़ में खत्म हुआ।
इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज
मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन और सतर्कता बढ़ा दी गई है। सुरक्षा बल अन्य नक्सलियों की तलाश में जुटे हैं, ताकि नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
आत्मसमर्पण की अपील
बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने माओवादी कैडरों से अपील की है कि वे हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटें और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं। उन्होंने साफ किया कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।




