Education News-12वीं हिंदी की दोबारा परीक्षा के बीच 11वीं गणित में बड़ी गड़बड़ी; प्रिंसिपल ने 4 दिन पहले ले लिया पेपर, परीक्षा रद्द

Education News-छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में शिक्षा विभाग की एक बड़ी लापरवाही और बोर्ड परीक्षाओं की सख्त सुरक्षा व्यवस्था का मिला-जुला मामला सामने आया है। एक तरफ जहां हिंदी का पेपर लीक होने के बाद शुक्रवार को पूरे प्रदेश में 12वीं बोर्ड की दोबारा परीक्षा आयोजित की गई.
वहीं दूसरी तरफ बिलासपुर के एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल की मनमानी या लापरवाही ने 11वीं के छात्रों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी। केंदा हाई स्कूल में तय समय से चार दिन पहले ही 11वीं गणित का पर्चा हल करा लिया गया, जिसके चलते विभाग को अब यह परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने का फैसला लेना पड़ा है।
12वीं बोर्ड का हिंदी प्रश्न पत्र लीक होने के कड़वे अनुभव से सबक लेते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने शुक्रवार को आयोजित पुनर-परीक्षा के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए थे। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए पहली बार ‘वन-टाइम लॉक सिस्टम’ का इस्तेमाल किया गया। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, प्रश्न पत्रों के बंडल को शुक्रवार सुबह 8 से 8:30 बजे के बीच तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पुलिस अधिकारियों की कड़ी निगरानी में ही खोला गया।
केंद्रों पर सामग्री वितरण के समय शिक्षकों के हस्ताक्षर अनिवार्य किए गए और पूरी प्रक्रिया की पावती थाने में जमा करने के सख्त आदेश दिए गए। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक प्रदेशभर के छात्रों ने शांतिपूर्ण ढंग से हिंदी की परीक्षा दी।Education News
इस बीच, बिलासपुर के कोटा ब्लॉक स्थित केंदा हाई स्कूल से एक चौंकाने वाली खबर आई। यहाँ के प्राचार्य एम. मिंज ने प्रशासनिक कैलेंडर की अनदेखी करते हुए 9 अप्रैल को होने वाली 11वीं की गणित परीक्षा 4 अप्रैल को ही संपन्न करा ली।Education News
जब 7 अप्रैल को यह मामला जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय टांडे के संज्ञान में आया, तो विभाग में हड़कंप मच गया। प्राचार्य की इस बड़ी चूक के कारण 8 अप्रैल को उक्त परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश जारी किया गया। अब केंदा स्कूल के परीक्षार्थियों के लिए गणित की परीक्षा की नई तिथि 11 अप्रैल निर्धारित की गई है।
डीईओ विजय टांडे ने इस घोर लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य एम. मिंज को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी कर जवाब तलब किया है। विभाग का कहना है कि परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में इस तरह की चूक कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए केंद्राध्यक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी।





