पेड्डापल्ली… 20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा की मौत को आत्महत्या बताकर मामला दबाने की कोशिश का आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने उसके पूर्व कॉन्ट्रैक्ट लेक्चरर को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में आत्महत्या मानी गई छात्रा की मौत की कहानी सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के बाद पलट गई। पुलिस का आरोप है कि लेक्चरर ने छात्रा से पहले सुसाइड नोट लिखवाया और फिर कार में जबरन कीटनाशक पिलाकर उसकी हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की।

मृतका थंद्रा अक्षिताराणी माइनिंग इंजीनियरिंग की छात्रा थी। वर्ष 2022 में नासपुर स्थित सिंगरेनी पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा करने के दौरान उसकी पहचान कॉन्ट्रैक्ट लेक्चरर रहे जेट्टी नवीन कुमार से हुई थी। पुलिस के अनुसार बाद में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। नवीन कुमार पहले से शादीशुदा था और पत्नी से अलग रह रहा था।

आगे की पढ़ाई के दौरान प्रशिक्षण के लिए गोदावरिखानी की कोयला खदान पहुंची, जहां उसकी पहचान ओवरमैन बोम्मकंठी रविकुमार से हुई। पुलिस के मुताबिक छात्रा ने रविकुमार पर यौन उत्पीड़न और बाद में यौन हमले के आरोप लगाते हुए प्रबंधन से शिकायत की थी। इस मामले में पुलिस ने रविकुमार को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस का दावा है कि अक्षिताराणी और रविकुमार से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी नवीन कुमार को हुई, जिसके बाद उसने छात्रा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 12 सितंबर को वह छात्रा को अपनी कार में लेकर गया। आरोप है कि कार में उसने छात्रा से सुसाइड नोट लिखवाया और फिर जबरन कीटनाशक पिला दिया।

हालत बिगड़ने पर छात्रा बेहोश हो गई। पुलिस के मुताबिक इसके बाद नवीन ने उसके मोबाइल से उसके पिता को फोन किया और घटना को आत्महत्या के प्रयास के रूप में पेश करने की कोशिश की। गंभीर हालत में छात्रा को गोदावरिखानी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 13 सितंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना गया था, लेकिन पुलिस को घटनाक्रम पर संदेह हुआ। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की गई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने नवीन कुमार को मुख्य आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया। मामले में इस्तेमाल कार और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग कड़ियों की जांच कर रही है। नवीन कुमार पर छात्रा की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने का आरोप है, जबकि रविकुमार के खिलाफ यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोपों की जांच चल रही है। दोनों पर लगे आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया में साबित होना बाकी हैं।