रोजगार, अधिकार और सम्मान की जंग: ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ में विजय केशरवानी को कांग्रेस की बड़ी जिम्मेदारी
गांव, गरीब और काम की आवाज़: ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ में विजय केशरवानी की प्रभावी एंट्री

रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” को धार देने के लिए प्रदेशस्तरीय समन्वय समिति का गठन कर दिया है। इस अभियान के तहत पूर्व जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी को समिति में शामिल किया गया है, जिसे संगठन में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार यह अभियान 10 जनवरी से 26 फरवरी 2026 तक प्रदेशभर में संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ संगठित संघर्ष खड़ा करना है। इसी क्रम में कांग्रेस ने अनुभवी नेताओं और संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले चेहरों को प्रदेशस्तरीय समन्वय समिति में स्थान दिया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी आदेश में विजय केशरवानी, पूर्व जिला अध्यक्ष, को समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। संगठनात्मक स्तर पर उनकी सक्रियता, जमीनी पकड़ और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी के भीतर इस मनोनयन को बिलासपुर संभाग में कांग्रेस संगठन को मजबूती देने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस का मानना है कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा की रीढ़ है। ऐसे समय में जब मनरेगा के बजट, भुगतान और क्रियान्वयन को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं, कांग्रेस ने इसे जन आंदोलन का रूप देने का निर्णय लिया है।
मनोनयन पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय केशरवानी ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और गांव की आत्मा से जुड़ी योजना है। इसे कमजोर करने का हर प्रयास सीधे ग्रामीण भारत पर हमला है। कांग्रेस पार्टी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि “मनरेगा बचाओ संग्राम” केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनहित की लड़ाई है, जिसे गांव-गांव तक ले जाया जाएगा।
विजय केशरवानी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेशभर में कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और मजदूर संगठनों से संवाद स्थापित कर मनरेगा से जुड़ी जमीनी समस्याओं को सामने लाया जाएगा, ताकि जनदबाव के जरिए योजना को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को रोका जा सके।
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि प्रदेशस्तरीय समन्वय समिति के सदस्य संगठन के वरिष्ठ नेताओं, जिला, शहर, नगर और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों तथा मोर्चा-प्रकोष्ठों के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को मजबूती देंगे। विजय केशरवानी की भूमिका इसी समन्वय और जनसंपर्क को प्रभावी बनाने की होगी।
प्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।





